माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद चुनावी मैदान पूरी तरह से सज चुका है। जिले में सरपंच, पंच, ब्लॉक समिति और जिला परिषद सदस्य की सीटों की तुलना में दो गुना से ज्यादा उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे हैं। ऐसे में चुनाव काफी रोचक रहने वाला है। जिला परिषद सदस्य के चुनाव में काटें की टक्कर होगी। कई जगह त्रिकोणीय मुकाबले भी देखने को मिलेंगे, क्योंकि इनकी महज 25 सीटों पर 12 गुना यानी 296 ने नामांकन भरा है।
चारों पदों की जिले में कुल 4521 सीटें हैं। जिन पर चुनाव लड़ने के लिए 9899 ने नामांकन पत्र भरा है। खास बात यह है कि इनमें 4476 महिलाएं हैं। जबकि 5423 पुरुष हैं। इनमें 3235 एससी और 2961 बीसी श्रेणी के हैं। वहीं 3703 सामान्य वर्ग से हैं। ब्लॉक समिति के सदस्य के लिए सीटों से साढ़े चार गुना और सरपंच के लिए सीटों से छह गुना ज्यादा नामांकन आए हैं। जबकि पंच में महज डेढ़ गुना ज्यादा आवेदन ही आए।
कई पंच सर्वसम्मति से चुने जाएंगे
सभी नौ खंडों में पंच पद के लिए 3901 पद हैं। जिन पर चुनाव लड़ने के लिए 6372 ने नामांकन किया है। यानी कई डेढ़ गुना ही ज्यादा हैं। ऐसे में तय है कि कई पंच सर्वसम्मति से चुने जाएंगे। जबकि कई सीटों पर कड़ा मुकाबला रहेगा। पंच के लिए 3505 पुरुष और 2867 महिलाओं ने नामांकन किया है। इनमें एससी से ज्यादा बीसी हैं। एससी वर्ग से 2019 और बीसी से 2129 नामांकन आए हैं। अन्य सामान्य श्रेणी के हैं।
सरपंची के लिए दौड़ धूप ज्यादा
सरपंच के लिए 395 पद हैं। जिन पर छह गुना ज्यादा यानी 2349 नामांकन आए हैं। इनमें 1083 महिलाओं के हैं। सरपंच बनने का क्रेज ज्यादा रहता है। ऐसे में इसकी जीत के लिए दौड़ धूप ज्यादा रहने वाली है। दर्ज नामांकन पत्रों में 825 एससी, 517 बीसी और 1007 सामान्य वर्ग के हैं।
चेयरमैन बनने की चाहत ज्यादा
जिला परिषद का चेयरमैन बनने की चाहत ज्यादा है। पद चाहे महिला आरक्षित हो। फिर भी सीटों से 12 गुना ज्यादा नामांकन पत्र दाखिल हुए हैं। 25 सीटों पर 296 ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें 134 महिलाओं के हैं। कुल नामांकन पत्रों में 88 एससी, 76 बीसी और 132 सामान्य वर्ग के हैं। जिला परिषद सदस्य बनने के बाद ही चेयरमैन व उप चेयरमैन पद का चुनाव होगा।