नीलोखेड़ी मरणोपरांत नेत्रदान करने पर परिजनों को स्मृति चिन्ह देते हुए संस्था के सदस्य। स्वयं
नीलोखेड़ी। कैनाल एरिया निवासी 90 वर्षीय समाजसेवी गोपीचंद मदान का बीमारी के बाद निधन हो गया। हालांकि उनके नेत्रों से अब दो लोगों को रोशनी मिलेगी। गोपीचंद जीवनभर नंगली साहब कुटिया सहित विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं से जुड़े रहे और नेत्रदान और देहदान के प्रति लोगों को जागरुक करते रहे। जन कल्याण सेवा सोसायटी के सदस्यों ने उनके पुत्रों लाजपत मदान, बलवंत मदान, राकेश मदान व पौत्र सिद्धार्थ मदान से संपर्क कर उनके दिवंगत पिता गोपीचंद की आंखें समाज सेवा के लिए दान करने के प्रेरित किया। अर्पणा नेत्र बैंक की टीम ने दिवंगत के नेत्र सुरक्षित संचित किए। परिजनों के इस कार्य की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। संवाद