हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी क्षेत्र से यूपी बड़ौली स्थित यमुना नदी में अपने पिता के साथ नहाने गए दो नाबालिग तेज बहाव के कारण डूब गए। वहीं डूबते पिता को पास में ही अपने खेत में काम रहे एक किसान ने बचाया। इसके साथ ही इसकी सूचना उत्तर प्रदेश पुलिस को दी गई। इस पर पुलिस की टीमें पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अभी तक दोनों नाबालिग बच्चों का कुछ पता नहीं चल पाया है।
तरावड़ी निवासी जिले सिंह करीब साढ़े पांच बजे अपने दो बेटों 17 वर्षीय सागर व 15 वर्षीय सुशांत के साथ यमुना नदी में नहाने के लिए बड़ौली पुल के नीचे से बह रही यमुना नदी में नहाने के लिए गए थे। जल्दबाजी में दोनों बच्चों अपने कपड़े उतार कर नदी में उतर गए और उनके पीछे-पीछे उनका पिता जिले सिंह भी पानी में उतर रहा था। इतने में ही दोनों बच्चों ने दो-चार कदम ही आगे गए थे कि एक दम वे पानी में डूब गए।
बच्चों को डूबता देख पिता ने उन्हें बचाने का खूब प्रयास किया लेकिन इस प्रयास में उसका भी पैर फिसल गया। वहीं गनीमत ये रही कि यमुना नदी के पास ही खेत में काम कर रहे एक किसान की नजर उन पर पड़ गई और उसने तुरंत यमुना नदी में छलांग लगाकर पिता को बचा लिया लेकिन दोनों बच्चे पानी के तेज बहाव के चलते बह गए। फिलहाल यूपी पुलिस की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। दोनों बच्चों को कुछ पता नहीं चल पाया है।
सुशांत ने 10वीं और सागर ने आईआईटी मद्रास में लिया था दाखिला
परिजनों ने बताया कि 15 वर्षीय सुशांत ने अभी 10वीं में दाखिला लिया था और 17 वर्षीय सागर ने आईआईटी मद्रास में कंप्यूटर इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था। सागर का सपना था कि वह कंप्यूटर इंजीनियर बने लेकिन उसके इस सपने पर यमुना नदी ने पानी फेर दिया।
यह क्षेत्र नहाने के लिए प्रतिबंधित है लेकिन फिर भी लोग यहां पर नहाने के लिए आ जाते है। जो हादसों का शिकार हो जाते है। अभी दो दिन पहले ही एक बच्चे की भी यमुना नदी में डूबने से मौत हो गई थी। अब जल्द ही इस क्षेत्र की बेरिकेटिंग की जाएगी और नोटिस बोर्ड लगाया जाएगा। जिससे हादसे कम हो सकें।
- राजन पुंडीर, जांच अधिकारी चौकी बड़ौली।