घरौंडा। देवी मंदिर और ब्राह्मण धर्मशाला की ओर से भगवान परशुराम मंदिर में सोमवार को तुलसी विवाह का आयोजन हुआ। मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। मंदिर के पुजारी पंडित श्री कृष्ण कौशिक ने बताया कि तुलसी विवाह भगवान विष्णु और माता तुलसी के दिव्य मिलन का प्रतीक पर्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु की प्रियतम हैं और उनका विवाह शालिग्राम स्वरूप भगवान विष्णु से किया जाता है। यह विवाह कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी के बाद आयोजित किया जाता है, जब भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं। इसी दिन से शुभ विवाह और मांगलिक कार्यों का आरंभ माना जाता है। पंडित कौशिक ने बताया कि पुराणों में तुलसी और शालिग्राम की कथा का विशेष उल्लेख है। संवाद