करनाल। शनिवार का दिन करनाल शहर के युवाओं के लिए काल साबित हुआ। अलग-अलग घटनाओं में ट्रक की रफ्तार ने तीन युवाओं को असमय ही निगल लिया। ग्रीन पैलेस के सामने एफसीआई गोदाम के पास जहां ट्यूशन के लिए निकले युवक की मौत हो गई। वहीं गगसीना गांव से कबड्डी का मैच देखकर बुलेट से लौट रहे युवक की ट्रक की टक्कर से जिंदगी थम गई। इसी तरह तरावड़ी बस स्टैंड के समीप जीप और ट्रक की टक्कर से बिजली विभाग के एक कच्चे कर्मचारी की मौत हो गई। इस तरह ट्रक की रफ्तार ने शनिवार को कई घरों की खुशियों, उम्मीदों और सपनों पर हमेशा-हमेशा के लिए ग्रहण लगा दिया।
प्वांटर- कृष्णा मंदिर कमेटी के प्रधान का पुत्र चिकित्सा शिविर में सेवा करके निकला था घर से
संवाद न्यूज एजेंसी
काछवा। कृष्णा मंदिर कमेटी के प्रधान सुरेंद्र कुमार भाटिया के 18 वर्षीय पुत्र गौरांश भाटिया की ट्रक की टक्कर से दर्दनाक मौत हो गई। वह गांव से करनाल ट्यूशन पढ़ने के लिए आ रहा था। गौरांश ने कृष्णा मंदिर में लगे निशुल्क मेडिकल कैंप में सुबह से लेकर दोपहर ढाई बजे सेवा की और उसके बाद घर से ट्यूशन के लिए निकला था।
गौरांश भाटिया दोपहर लगभग तीन बजे एक्टिवा से आ रहा था। ग्रीन पैलेस के सामने एफसीआई गोदाम से अचानक एक ट्रक के आगे आ जाने से उसकी एक्टिवा ट्रक के अंदर घुस गई। जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लगी। अधिक खून बहने से उसकी मौके पर मौत हो गई। खून को बहता देख राहगीरों ने काफी देर तक उसे नहीं उठाया। बाद में रोडवेज की बस में बैठे काछवा के एक युवक माधव भाटिया ने एक्टिवा और गौरांश को पहचान लिया। एक कार को रुकवा कर उसे नागरिक अस्पताल करनाल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक गौरांश प्रताप स्कूल में 12 वीं कक्षा का छात्र था और वह प्रतिदिन कैथल रोड पर आरसी क्लासेज में ट्यूशन पढ़ने के लिए जाता था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। ट्रक को कब्जे में ले लिया। एक्टिवा भी ले गई और शव को शवगृह में रखवाया।
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खुशियां मातम में बदल गईं
गौरांश का बड़ा भाई सिद्धार्थ मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) में है। उसे कुछ ही दिनों में आना था। उसके स्वागत के लिए घर में तैयारियां चल रही थीं। घर का फर्नीचर बदला जा रहा था, एक फंक्शन की तैयारी भी हो रही थी। धार्मिक और पिकनिक स्थानों पर घूमने के प्लान बनाए हुए थे। खरीदारी की जा रही थी। गौरांश बढ़-चढ़कर भाई और भाभी का स्वागत करने के लिए खुशी खुशी से सारे काम कर रहा था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। उधर मेलबर्न में भाई भी तैयारियों में लगा हुआ था। भरे मन से उसको सूचना दी गई है।
फोटो - 151
बुलेट ने पीछे से ट्रक में मारी टक्कर, युवक की मौत
कबड्डी का मैच देखकर लौट रहे थे, घायल बाइकसवार निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा
- 12वीं पास कर विदेश जाने की कर रहा था तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मूनक। गगसीना गांव से कबड्डी का मैच देखकर बुलेट पर अपने घर जयसिंहपुरा लौट रहे दो युवकों की टक्कर आगे चल रहे ट्रक से हो गई। जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं दूसरा करनाल के निजी अस्पताल में मौत और जिंदगी के बीच जूझ रहा है। हादसा शुक्रवार की देर रात हुआ। सूचना मिलते ही युवकों के परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में लेकर आए।
गांव जयसिंहपुरा निवासी देव (18) और रिंकू (21) शुक्रवार को गांव गगसीना में कबड्डी का मैच देखने के लिए आए थे। मैच खत्म होने के बाद दोनों बुलेट पर करीब 10 बजे बुलेट पर सवार होकर वापस लौट रहे थे। इस दौरान एक अन्य दोस्त का उनके पास फोन आया कि वह स्टौंडी तक आ गया है। उसे लेने के लिए आ जाओ। देव और रिंकू अपने साथी को लेने के लिए निकल पड़े। जैसे वह गांव गगसीना व स्टौंडी के बीच पहुंचे तो आगे चल रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगा दी और उनकी बाइक ट्रक से टकरा गई। जिसमें देव और रिंकू गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने देव को मृत घोषित कर दिया। वहीं रिंकू की हालत भी नाजुक बताई जा रही है।
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इकलौता बेटा था देव
मृतक के चाचा जोगिंद्र ने बताया कि देव अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार में वह सब का लाडला था। घर से कबड्डी का मैच देखने के लिए आया था। इस हादसे ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।
विदेश जाने की कर रहा था तैयारी
मृतक के परिजनों ने बताया कि देव ने 12वीं की हुई थी। वह विदेश जाने के लिए आइलेट्स कर रहा था। परिवार के लोगों की तरफ से भी उसको पूरा सपोर्ट था, लेकिन किसी को क्या पता था कि ये दर्दनाक हादसा उसकी खुशियों को छीन लेगा। इस घटना से परिवार व गांव में मातम का माहौल है।
वर्जन
सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई है, वहीं दूसरे का इलाज चल रहा है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। ट्रक चालक को मौके पर पकड़ लिया है। मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तरसेम चंद, थाना प्रभारी, मूनक।
साथ में लगेगी
सड़क हादसे में बिजलीकर्मी की गई जान
- मृतक की तीन साल पहले हुई थी शादी, युवक की मौत से परिवार में छाया मातम
संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। बस स्टैंड के पास जीप और ट्रक की टक्कर हो जाने से बिजली विभाग के एक कच्चे कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि तीन बिजली कर्मी घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जिसमें ड्राइवर की हालत गंभीर है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
इंद्री क्षेत्र के खेड़ा गांव निवासी रमन मेहरा (32)बिजली विभाग में एएलएम के पद पर कच्चे कर्मचारी के तौर पर कार्यरत था। शुक्रवार देर रात को बिजली कर्मचारियों के साथ पिकअप गाड़ी में सवार होकर जा रहा था। इस दौरान जैसे वह तरावड़ी बस स्टैंड के पास पहुंचे तो करनाल से अंबाला की तरफ जा रहे कैंटर चालक ने लापरवाही से चलते हुए डिवाइडर तोड़ कर दूसरी तरफ से आ रही उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से पिकअप गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल बिजली कर्मचारियों को गाड़ी से बाहर निकाला। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रमन को मृतक घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी।
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मलकीत सिंह ने बताया कि रमन बहुत ही मेहनती था। वह पिछले सात वर्षों से बिजली विभाग में कच्चे कर्मचारी के रूप में कार्य कर था। इंद्री के यूनिसपुर में उसकी ड्यूटी थी। उसके बिजली विभाग में जल्द ही पक्का होने की उम्मीद थी, लेकिन इस हादसे ने रमन और उसके परिवार के सपनों को तोड़कर रख दिया। इस घटना से परिवार ही नहीं बिजली विभाग को भी भारी क्षति पहुंची है।
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तीन साल पहले हुई थी शादी
मृतक के परिजनों ने बताया कि रमन की शादी तीन साल पहले हुई थी। उसका एक दो साल का छोटा सा बेटा है। जिसे अभी दुनिया देखनी है। इस हादसे ने उस मासूम के सिर से बाप का हाथ छीन लिया। रमन की मौत से गांव व परिवार में मातम छा गया है।
वर्जन
सड़क हादसे में रमन की मौत हो गई। वहीं तीन अन्य घायल हो गए। जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया।
संदीप कुमार, थाना प्रभारी, तरावड़ी।