भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान में आयोजित कार्यक्रम प्रतिभागियों को जानकारी देती वररष्ट
करनाल। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के फसल सुरक्षा विभाग की ओर से 28 से 30 जनवरी तक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें गुजरात, कर्नाटक और हरियाणा से आए 15 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। इसमें गेहूं और जौ में फसल सुरक्षा परीक्षणों के सटीक डेटा रिकॉर्डिंग और रिपोर्टिंग के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संस्थान के निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण गेहूं में पीला रतुआ (येलो रस्ट) जैसी बीमारियों का स्वरूप बदल रहा है। इसलिए किसानों और वैज्ञानिकों के लिए नियमित सर्वेक्षण और निगरानी बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान का लक्ष्य रतुआ-प्रतिरोधी, अधिक उपज देने वाली और उच्च गुणवत्तायुक्त गेहूं की किस्में विकसित करना है। इसमें डॉ. अनुज कुमार, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. पीएल कश्यप आदि उपस्थित रहे। ब्यूरो