माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रतिबंध के बावजूद पराली जलाने के मामले रुक नहीं रहे हैं। मंगलवार को तीन स्थानों पर पराली जलाने के मामले सामने आए हैं, जिसके बाद जिले में पराली जलाने के कुल मामलों की संख्या 52 हो गई है।
वहीं उपायुक्त उत्तम सिंह ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि धान की फसल कटाई के दौरान पराली जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। इस काम में लगे सभी कर्मचारी व अधिकारी फील्ड में उतरें और बारीकी से नजर रखते हुए अपने दायित्व का निर्वहन करें, अन्यथा उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को जलमाना, मर्दानहेड़ी और पुंडरक गांव में पराली जलाने के मामले सामने आए हैं। अब तक जिले में आठ लोगों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। सेटे लाइट के साथ साथ अधिकारी लगातार नजर भी रख रहे हैं लेकिन इसके बावजूद किसान कहीं न कहीं पराली जला ही देते हैं।
उपायुक्त ने कहा है कि पराली जलाने की घटनाएं पर्यावरण के लिए हितकारी नहीं है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है बल्कि आमजन के स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। इन घटनाओं को रोकने के लिए पंचायत विभाग, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें। आमजन को भी पराली जलाने के दुष्परिणामों को लेकर जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी फील्ड में गांव-गांव जाकर जांच करने की है, वह कर्मचारी अपनी ड्यूटी का तत्परता से निर्वहन करें। ड्यूटी में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारी तय शेड्यूल के मुताबिक मौके पर जाएं और लोगों को जागरूक भी करें।