करनाल। स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 154 करोड़ रुपये की लागत से तीन माह पहले प्रस्तावित टी-फ्लाईओवर के स्वरूप में बदलाव कर दिया है। अब नया डिजाइन तैयार कर टेंडर को लाइव किया गया है। जिसमें अब इसकी लंबाई 700 मीटर कम कर दी गई है। लागत भी 61 करोड़ रुपये कम हो गई है। अब ये फ्लाईओवर हरियाणा नर्सिंग होम से रेलवे रोड तक बनाया जाएगा। टी-प्वॉइंट कमेटी चौक से कर्ण पार्क तक होगा।
स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने मार्च महीने में हरियाणा नर्सिंग होम से गुरुनानक खालसा कॉलेज तक और कमेटी चौक से कर्ण पार्क तक टी-आकार में प्रस्तावित फ्लाईओवर का टेंडर ऑनलाइन किया था। इसकी अनुमानित लागत 154 करोड़ रुपये दर्शाई गई थी।
अमर उजाला ने 14 मार्च के अंक में इसे लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें जानकारों के हवाले से कहा गया था कि स्मार्ट सिटी द्वारा डेढ़ सौ करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च करने के बाद भी इसका लोगों को अपेक्षित फायदा नहीं मिल पाएगा। यदि इसमें कुछ बदलाव कर दिया जाए और हरियाणा नर्सिंग होम सेक्टर 13-14 के डिवाइडिंग रोड से शुरू करके खालसा कॉलेज के बजाय रेलवे रोड फिश मार्केट या चर्च के आसपास उतार दिया जाए तो इसका फायदा एक बड़े क्षेत्र के साथ कई स्कूलों, कॉलेजों के विद्यार्थियों को मिल जाएगा। तब इस धनराशि का सदुपयोग भी नजर आने लगेगा। पहले इसके दो भागों की लंबाई 2.77 किमी और दूसरा 0.98 किमी थी। अब स्मार्ट सिटी ने अमर उजाला के सुझावों को मान लिया है। स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक रमेश मढ़ान ने बताया कि अब ये फ्लाईओवर हरियाणा नर्सिंग होम से शुरू होकर गुरुनानक खालसा कॉलेज के बजाय रेलवे रोड पर उतार दिया जाएगा।
नए डिजाइन से मिलेगा हजारों विद्यार्थियों को लाभ
रेलवे रोड व इसके आसपास ही राजकीय महिला कॉलेज, गवर्नमेंट सीनियर सेेकेंडरी स्कूल (बालक एवं बालिका), डीएवी महिला कॉलेज, डीएवी बीएड कॉलेज, डीएवी ब्वायज कॉलेज, एसडी आदर्श स्कूल, एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल मुल्तान, जैन गर्ल्स स्कूल, एसडी गर्ल्स स्कूल आदि कई स्कूल कॉलेज हैं, जिनके हजारों छात्र-छात्राएं रोज आते-जाते हैं, इन विद्यार्थियों को अब नए डिजाइन पर प्रस्तावित फ्लाईओवर से फायदा मिल सकेगा।
इन क्षेत्रों से आने वाले ट्रैफिक को भी होगा लाभ
नए प्रस्तावित स्वरूप पर बनने वाले फ्लाईओवर से घोघड़ीपुर से आने वाले ट्रैफिक को तो लाभ मिलेगा ही, साथ ही सदर बाजार को सीधा लाभ मिल सकेगा। रमेश नगर, इब्राहिम मंडी और सुभाष कॉलोनी आदि की आबादी को भी इसका फायदा होगा।
वर्जन
स्मार्ट सिटी ने फ्लाईओवर के पुराने स्वरूप को बदलकर सराहनीय कार्य किया है। अब ये एक बड़ी आबादी और ट्रैफिक के लिए कई गुना बेहतर साबित हो सकता है। यही प्रस्ताव उन्होंने भी अमर उजाला के माध्यम से स्मार्ट सिटी को दिया था। अब इसमें सरकार का राजस्व भी बच गया और लोगों की सुविधायोग्य भी बन गया। सेक्टर 13-14 के डिवाइडिंग रोड से शुरू करके रेलवे रोड फिश मार्केट या फिर चर्च के आसपास उतारे जाने से फायदा रेलवे रोड के अधिकांश स्कूल कॉलेजों के विद्यार्थियों, शिक्षकों के साथ घोघड़ीपुर से आने वाले ट्रैफिक और आसपास की विभिन्न कॉलोनियों को मिल सकेगा। अब इसे जनपयोगी कहा जा सकता है।
- प्रो. जोगेंद्र मदान, शहरी भूगोलवेत्ता सीएचडी सिटी करनाल