तरावड़ी। लक्ष्मी कॉलोनी स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बीके सुदेश और बीके रीना ने बताया कि हमारे पूरे कल्प का ये पुरुषोत्तम संगमयुगी जीवन सर्वश्रेष्ठ है। इसमें हमें अपना भाग्य बनाना है। खुद को ईश्वरीय खजानों से संपन्न करना है। याद रखें, यह समय दोबारा नहीं आएगा। यदि हमने ये भाग्य बनाने के दिन यूं ही बिता दिए, तो हमें पश्चाताप के सिवा कुछ भी नहीं मिलेगा। तो आईये, स्वयं से बातें करें, मेरा एक-एक क्षण बहुत मूल्यवान है और मेरा एक-एक संकल्प बहुत ही महान है। क्यों न मैं इस समय का भरपूर फायदा उठाऊं। बीके इंदु बंसल, रजनी चौधरी, सुमन, सलोचन, सरोज, बबली आदि उपस्थित रहे। संवाद