- प्रदेश सरकार ने अब कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के दिए हैं निर्देश
देव शर्मा
करनाल। जिले में 105 कॉलोनियां अवैध हैं, जिनमें रह रहे हजारों लोगों के नियमितीकरण का इंतजार है। साथ ही शहरी क्षेत्र में नियमित कॉलोनियों के बीच भी करीब 96 खसरा नंबर ऐसे हैं, जो नियमित होने से वंचित रह गए थे। जिन्हें भवन या प्लॉट की रजिस्ट्री कराने आदि में तो दिक्कत होती ही है, मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। लेकिन विधान सभा चुनाव से पूर्व अब हरियाणा सरकार ने इन कॉलोनियों के लोगों के दर्द को महसूस कर लिया है। यही कारण है कि अब कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे इन कॉलोनियों के वैध होने की आस जगी है।
वर्ष 2018 में करनाल की 35 कॉलोनियों को नियमित किया गया था लेकिन इसके बाद नगर निगम का चुनाव भी हुआ। मेयर और पार्षदों का पूरा कार्यकाल भी बीत गया लेकिन करनाल नगर की कोई भी अवैध कॉलोनी वैध नहीं हो सकी। जब ये नियमितीकरण हुआ था तो कॉलोनियों के बीच कुछ हिस्से छूट गए थे। जहां के लोगों को वैध कॉलोनियों के बीच अवैध कॉलोनी का हिस्सा होने के कारण कई तरह की दिक्कतें हुईं। इन छूटे हिस्से के लोग न तो अपने मकान को बेच पा रहे हैं और ही उसकी रजिस्ट्री करा पा रहे हैं। शहर के बीच में होने के बावजूद भी ये कई सुविधाओं से वंचित हैं।
पार्षदों ने भी कई बार अवैध कॉलोनियों और छूटे पैचेज के नियमितीकरण का मुद्दा उठाया लेकिन सिर्फ सर्वे तक ही कार्य पहुंच पाया। लोक सभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जब करनाल पहुंचे तो भाजपा नेता ईलम सिंह ने उनके सामने ये मुद्दा उठाया तो सीएम के निर्देश पर एक बार फिर इन पैचेज को नियमित करने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। नगर में ऐसे 96 पैचेज मिले हैं, जिन्हें सरकार के पास नियमित करने के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार अतिशीघ्र इन्हें नियमित कर सकती है।
41 अवैध कॉलोनियों की संस्तुति की गई
हरियाणा सरकार के उच्चाधिकारियों ने 20 जून को जिले की अवैध कॉलोनियों को लेकर एक बैठक की थी। जिसमें करनाल जिले में 105 अवैध कॉलोनियों के चिन्हीकरण की बात जिलास्तरीय अधिकारियों ने बताई थी। जिसमें 101 कॉलोनियों का डाटा शहरी स्थानीय निकाय को उपलब्ध कराया जा चुका है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इसमें 41 कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए संस्तुति कर दी गई है, 14 कॉलोनियों की अभी और संस्तुति होनी बाकी है। इनमें से चार कॉलोनियों को नियमितीकरण के लिए सरकार को भी भेजा जा चुका है। 42 कॉलोनियों की स्क्रूटनी की जा रही है। निगम व डीटीपी आदि की तैयारियों को देखकर उम्मीद की जा रही है कि लोगों को सुविधाएं देने की दृष्टि से सरकार इन कॉलोनियों को नियमित कर सकती है, जिसका बड़ा लाभ विधान सभा चुनावों में मिल सकता है।