- नागरिक उड्डयन मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने किया हवाई पट्टी का दौरा, अधिकारियों से परियोजना पर की चर्चा और दिए निर्देश
- वर्कशॉप, हवाई पट्टी, चहारदीवारी और अन्य मुख्य कक्षों का किया निरीक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्ण नगरी में हवाई अड्डा बनाने की 15 वर्ष से अटक रही परियोजना के एक बार फिर सिरे चढ़ने की आस जगी है। शुक्रवार को प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने करनाल हवाई पट्टी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर अधिकारियों को बुलाकर परियोजना में आ रही कठिनाइयों को भी दूर करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने करनाल एयरोड्रोम की वर्कशॉप, हवाई पट्टी और एयरोड्रोम के चारों तरफ बनाई गई चहारदीवारी और अन्य मुख्य कक्षों का निरीक्षण किया। इस दौरान एनसीसी कैडेट, प्रशिक्षण ग्रहण करने वाले लोगों के बारे में फीडबैक रिपोर्ट ली और नियमानुसार यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए जाने वाले कक्षों के बारे में भी जानकारी हासिल की।
मंत्री ने करनाल एयरोड्रोम के अधिकारियों, उपायुक्त उत्तम सिंह, लोक निर्माण विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के साथ करनाल में घरेलू हवाई अड्डा बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा की।
2008 से चल रही हवाई अड्डा निर्माण प्रक्रिया की कवायद
करनाल में घरेलू हवाई अड्डा निर्माण को लेकर कवायद वर्ष-2008 से चल रही है, अक्तूबर-2012 में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने यहां हवाई अड्डा बनाने की संभावनाएं तलाशी। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आठ नवंबर 2014 को नेवल हवाई पट्टी के विस्तार की घोषणा की थी। इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करनाल में अपनी पहली जनसभा के दौरान सत्ता में आने पर हवाई अड्डे के निर्माण का एलान किया था, लेकिन नौ साल तक जमीन खरीद को लेकर कई अड़चनों के कारण परियोजना अटकी रही।
दो हजार फुट बढ़ेगी पट्टी, नाइट लैंडिंग भी हो सकेगी
परियोजना के अनुसार, हवाई अड्डा निर्माण में जमीन संबंधित अड़चनें दूर हो चुकी हैं। इस हवाई पट्टी को तीन हजार फुट से बढ़ाकर पांच हजार फुट किया जाना है। माना जा रहा है कि इसके बाद यहां से बड़े हवाई जहाज भी उतर सकेंगे। एक्सटेंशन के साथ ही छोटे और मध्यम श्रेणी के जहाज यहां उतर सकेंगे। बेसिक, पार्किंग जोन, नाइट लैंडिंग, लाइट एमआरओ जैसी सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। रात के समय भी विमानों का आवागमन होगा।