- एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से सरकारी अस्पताल में सीबी नॉट टेस्टिंग हो गई थी बंद
अनुज शर्मा
करनाल। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) में लगे कर्मचारियों की हड़ताल से प्रदेशभर में टीबी नोटिफिकेशन में आई भारी गिरावट में जल्द सुधार की उम्मीद है क्योंकि हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने हड़ताल स्थगित कर गत शनिवार को कार्य संभाल लिया है।
आंकड़ों की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग की टीबी विंग ने प्रदेश में जून में 7,828 मरीजों को तलाश किया था। वहीं जुलाई में 7,155 और अगस्त में केवल 2,930 मरीज ही तलाश पाए हैं। इसे अगर प्रतिशत में देखें तो जून के मुकाबले प्रदेश में 26 जुलाई से 18 अगस्त तक 37.42 प्रतिशत मरीजों की तलाश हो पाई है। जिसका मुख्य कारण एनएचएम की हड़ताल है।
हड़ताल में टीबी विंग के प्रदेशभर के सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (एसटीएस), ट्यूबरक्लोसिस हेल्थ विजिटर (टीबी-एचवी), सीनियर ट्यूबरक्लोसिस लेबोरेट्री सुपरवाइजर (एसटीएलएस) व लैब टेक्नीनिशयन (एलटी) शामिल थे। जिसके कारण प्रदेशभर के नागरिक अस्पतालों में सीबी-नॉट की टेस्टिंग बंद हो गई थी केवल निजी संस्थानों में ही सीबी-नॉट की टेस्टिंग चलती रही।
हड़ताल के कारण निजी अस्पतालों में पहुंचे थे मरीज
एनएचएम की हड़ताल के कारण प्रदेश में टीबी के संदिग्ध मरीज जांच के लिए सरकारी के बजाय निजी अस्पतालों में जाने लगे थे। प्रदेश में पहली बार सरकारी के बजाय निजी अस्पतालों की नोटिफिकेशन में बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां करनाल की बात करें तो सरकारी नोटिफिकेशन 92.1 प्रतिशत और निजी अस्पतालों की पहली बार 100 प्रतिशत नोटिफिकेशन रही।
मंगलवार को शुरू होगी टेस्टिंग
सोमवार को रक्षाबंधन के कारण प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में अवकाश रहेगा। ऐसे में मंगलवार को सभी कर्मचारी अपने काम पर लौटेंगे। जिससे कोई भी टीबी का संदिग्ध मरीज अपनी जांच पहले की तरह सरकारी अस्पताल में करवा सकते हैं। वहीं मरीजों को सरकारी अस्पतालों से ही दवा मिलनी शुरू होगी।