आसमान पर बादलों का डेरा, एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 19 और 20 को बारिश के आसार
- खेतों में गेहूं फसल बचाने के लिए कटाई में जुटे किसान
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मौसम के मिजाज को देखते हुए किसानों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। रविवार को भी आसमान पर बादल छाए रहे। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। यही स्थिति सोमवार को भी रहने की संभावना है। इस बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ ने दस्तक दे दी है। जिसमें मौसम विशेषज्ञों ने 19 और 20 अप्रैल को भी गरज चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।
गेहूं की फसल उगाने में किसान कई महीनों से मेहनत कर रहे थे। अब जब खेतों में उनकी मेहनत रंग लाई है तो मौसम ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। परेशान किसान इन दिनों अपनी फसल बचाने में लगा है। यही कामना कर रहा है कि किसी तरह उसकी फसल कटकर मंडियों तक पहुंच जाए। भाकियू सर छोटूराम के प्रवक्ता बहादुर मेहला ने बताया कि गेहूं पककर तैयार है, हर किसान जल्द से जल्द गेहूं की कटाई कराना चाहता है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में क्षेत्र में कंबाइन होने के बावजूद कंबाइन कम पड़ रही है। एक-एक कंबाइन संचालक के पास कई एडवांस बुकिंग है। कंबाइन संचालक भी इन दिनों मौसम को देखते हुए रात-दिन कटाई कर रहे हैं।
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान की जिला मौसम शाखा के विशेषज्ञों ने बताया कि रविवार को अधिकतम तापमान में गिरावट आई है, ये 36 डिग्री सेल्सियस से कम होकर 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम है। जबकि न्यूनतम तापमान में 19.4 से बढ़कर 22.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक है।
बारिश हुई तो होगा नुकसान: रजनीश चौधरी
जिले में शनिवार और रविवार को तो गनीमत रही लेकिन 19 व 20 अप्रैल को फिर मौसम खराब होने की चेतावनी ने किसानों के साथ आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि अनाज मंडियों में प्रशासन की ओर से त्रिरपाल आदि की व्यवस्था की गई है। शेड भी हैं लेकिन चुनाव होने के कारण मंडियों में लेबर की भारी कमी है। लाखों क्विंटल गेहूं खुले में भी पड़ा है। अभी तो नहीं लेकिन और आवक बढ़ने पर दिक्कत आ सकती है।