- अभ्यर्थियों ने बस की छतों पर किया सफर, दोनों शिफ्टों में अभ्यर्थियों को लेकर छह जिलों में रवाना हुई 206 बसें, 103 ने शहर में लगाए फेरे
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। ग्रुप-डी की सीईटी यानी सामान्य पात्रता परीक्षा देने जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए रोडवेज के करनाल डिपो की व्यवस्था बेहतर थी, लेकिन बाहर से जब हजारों युवाओं की भीड़ पुराने बस स्टैंड पर पहुंची तो न केवल डिपो बल्कि शहर की व्यवस्था भी दोनों चरणों में कुछ समय के लिए चरमरा गई। भीड़ के कारण लगे जाम से जहां दूरियां बढ़ीं, वहीं बसों की छतों पर बैठकर या पीछे और खिड़कियों पर लटक कर सफर करना कई अभ्यर्थियों के लिए मजबूरी बना।
परीक्षा के पहले दिन करनाल से छह जिलों के परीक्षा देने जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए दोनों चरणों में 206 बसें चली। इसके अलावा 103 बसों ने शहर में फेरे लगाए। यानी बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों को उनके केंद्र तक पहुंचाया। सुबह आठ बजे तक बाहर जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए सुगम व्यवस्था रही। जैसे-जैसे अभ्यर्थी आते गए, उन्हें बसों में बैठाया गया। बस की सीटें भरते ही उसे रूट पर रवाना करते गए, लेकिन पहली शिफ्ट की परीक्षा खत्म होने के बाद शहर की सड़कों पर जाम लगना शुरू हो गया। देर शाम दूसरे चरण की परीक्षा खत्म होने के बाद भी जाम के हालात रहे। चंडीगढ़, पंचकूला, पानीपत, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र के लिए अलग-अलग काउंटर बनाया गया था। जहां एक के बाद एक बस लगातार लगाकर रूट पर संचालन किया गया। सुबह तीन बजे पहली बस रवाना हुई थी।
तीन जगह लगे सहायता काउंटर, रूट बनाकर अभ्यर्थी भेजे
प्रशासन की ओर से तीन जगह रेलवे स्टेशन, पुराना बस स्टैंड और नया बस स्टैंड से शटल बस चलाने की व्यवस्था की गई थी। ये बसें बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों को उनके केंद्र तक छोड़ कर आई। इसके लिए विशेष सहायता काउंटर स्थापित किए गए। 50 परीक्षा केंद्रों के लिए करनाल में रोडवेज और परिवहन विभाग की ओर से 12 रूट बनाए गए थे। जिन पर विभिन्न स्कूलों से मंगवाई गई बसें चलीं। निसिंग, नीलोखेड़ी और इंद्री तक अभ्यर्थी गए।
आम लोगों को हुई परेशानी
दूसरी और रोडवेज की ओर से जिले के सभी लोकल मार्गों से बसों को हटा लिया गया, जिससे वहां से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि कुछ बसों को सामान्य मार्ग पर भी दौड़ाया गया। अभ्यर्थियों के लिए विभाग की ओर पहले दिन 309 बसों का संचालन किया गया। सुबह उन अभ्यर्थियों को भी परेशानी हुई जो ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं। ऐसे युवाओं को अपने इंतजाम से बस स्टैंड पहुंचना पड़ा। महिला अभ्यर्थियों को भी परेशानी उठानी पड़ी, क्योंकि ज्यादातर के केंद्र करनाल में ही थे और सुबह गांव से शहर पहुंचना मुश्किल रहा।
निजी वाहन चालकों ने वसूला मनमाना किराया
कुछ अभ्यर्थियों को प्रशासन के इंतजाम का पता नहीं था। ऐसे में वे ऑटो, टैक्सी व ई-रिक्शा से केंद्र पर पहुंचे। इस दौरान निजी वाहन चालकों ने उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे दो से तीन गुना किराया वसूला। ऐसे में कई अभ्यर्थियों को परेशानी हुई। वहीं आम लोगों को भी निजी वाहनों का सहारा लेने के लिए ज्यादा किराया देना पड़ा। निसिंग से आने वाले ऑटो चालक ने 50 रुपये तक वसूले। वहीं, बस अड्डे से दयाल सिंह कॉलेज तक छोड़ने के लिए भी ऑटो रिक्शा चालकों ने मनचाहा किराया वसूला।
इन जगहों पर लगा ज्यादा जाम
- नेशनल हाईवे पर सेक्टर-14 और आईटीआई चौक
- रेलवे रोड पर कई सेंटर होने से लगा जाम।
- दयाल सिंह कॉलोनी की तरफ चार केंद्र होने से कुंजपुरा रोड और अस्पताल मार्ग पर जाम
- पुराना बस स्टैंड मार्ग पर देर शाम तक जाम रहा।
- शहर से बाहर जाने के मुख्य मार्ग बलड़ी बाईपास और आईटीआई मार्ग पर जाम रहा।
किस मार्ग पर कितनी बसें दौड़ीं
मार्ग
सुबह
शाम
पंचकूला
16
15
चंडीगढ़
17
13
यमुनानगर
21
19
कुरुक्षेत्र
17
18
पानीपत
18
17
अंबाला
16
19
कुल
105
101
पहले दिन बेहतर सेवा देने का प्रयास किया गया। अभ्यर्थियों को जानकारी देने के लिए डिपो के तीनों गेट पर हमारी टीमें तैनात थी। जहां से उनका एडमिट कार्ड देखकर उन्हें संबंधित काउंटर से बस लेने के लिए भेज दिया जाता था। 206 बसें दोनों शिफ्टों में रवाना हुई।
- कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज