- अब 99 तक पहुंची मरीजों की संख्या, बुखार के मरीजों का डेंगू टेस्ट कराना किया अनिवार्य
- टीमों को 3975 जगह मिला लार्वा, 2213 को नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में डेंगू तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। मंगलवार को इस सीजन के सबसे अधिक नौ मरीज मिले हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने अब सिविल अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी व सभी प्राइवेट अस्पतालों में बुखार से पीड़ित आने वाले मरीजों का डेंगू का टेस्ट करवाना अनिवार्य कर दिया है। अब अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीज का डेंगू का टेस्ट कराना होगा और उसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंपनी होगी।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मंगलवार को 6012 घरों में मच्छर के लार्वा की जांच की। जिनमें 126 घरों के विभिन्न स्थानों पर लार्वा मिला और 25 मकान मालिकों को विभाग की टीमों ने नोटिस थमाया। इसके साथ-साथ मंगलवार को नौ लोग डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। ऐसे में अब जिले में डेंगू के केसों की संख्या 99 पहुंच चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें अभी तक जिले के दो लाख 97 हजार 986 घरों को चेक कर चुकी है। जिनमें अभी तक 3975 घरों में मच्छर का लार्वा मिला है और टीमों ने कुल 2213 मकान मालिकों को नोटिस थमाया है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। आमजन मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए कुछ उपाय कर सकते हैं।
डेंगू के लक्षण
अचानक तेज बुखार होना। छाती व ऊपर के हिस्सों में दानों का निकलना। सिर के आगे वाले हिस्से में जोर का दर्द। आंखों के पिछले हिस्से में दर्द। शरीर के जोड़ों में दर्द। भूख न लगना, जी मितलाना व उल्टी आना।
मच्छर पनपने से ऐसे रोके
अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें। प्रत्येक रविवार को ड्राई डे मनाएं यानी कूलर, फूलदान, पशु व पक्षियों के पानी के बर्तनों, होदी को अवश्य सुखाकर पानी भरें। यदि कूलर उपयोग में न लाए जा रहे तो रगड़कर साफ करके सुखाकर रखें। पानी से भरे गड्ढों को मिट्टी से भर दें और यदि संभव न हो तो हर सप्ताह उस में काला तेल डाल दें। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।