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परिजनों को जीवित होने का भरोसा देती रही पुलिस

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लोक निर्माण विभाग के जेई दीपक की मौत के मामले में भले ही पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही हो लेकिन परिजनों ने उसके शव की जो स्थिति देखी है। उससे तो यही लगता है कि उसकी नृशंस हत्या की गई है। पुलिस पिछले पांच दिनों से परिजनों को यही आश्वासन दे रही थी कि जेई जीवित है और सकुशल लौटेगा। इसलिए नहर में उसके शव की तलाश के लिए भी कोई खास जोर नहीं दिया जा रहा था। पश्चिमी यमुना नहर की जाणी झील में यदि जाल लगा न होता तो शव आगे चला जाता, तब शायद परिजनों का इंतजार और बढ़ जाता। वैसे भी जेई का शव करीब आठ किमी दूर जाकर मिला है। भले ही अभी जेई की मौत की गुत्थी नहीं सुलझी हो लेकिन कहीं न कहीं इसके पीछे सट्टेबाजी का खेल हो सकता है।
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शव को देखने ने बाद जेई के ताऊ के बेटे मोहित ने बताया कि जिस जगह दीपक की गाड़ी मिली थी, वहां से जाणी झील करीब आठ किमी दूर है। ये भी संभावना है कि सोमवार की रात जेई चंडीगढ़ वापस लौट रहा था, उसकी मौत उसी दिन हुई होगी। उसकी हत्या करने के बाद शव को नहर में फेंका गया होगा, क्योंकि शव के चेहरे और शरीर पर चोटों के निशान लग रहे हैं। शव इतना अधिक गल चुका है कि पहचान मुश्किल हो रही है, उसकी दाढ़ी और पैंट के साथ साथ उसकी कदकाठी से ही उसकी पहचान की गई है। उसने कहा कि पुलिस लगातार परिजनों को आश्वस्त करती रही कि दीपक जीवित है, वह शीघ्र ही घर लौट आएगा। उसका पता लगा लिया जाएगा। यही कारण रहा कि पुलिस ने नहर में गोताखोरों को उतारकर शव तलाशने का अधिक प्रयास नहीं किया गया। यदि तलाश की जाती तो शायद पहले ही उसका पता लग सकता था। पुलिस ने शव की तलाश नहीं की, शव झील के जाल में फस गया और ऊपर उतराने लगा, तब देखा जा सका।
जेई के पास बड़ी रकम थी, इससे पुलिस भी इनकार नहीं कर रही है लेकिन ये रकम किसकी थी, किसने दी, ये अभी निरुत्तर है। बड़ा सवाल अभी भी यही है कि जेई की मौत कैसे हुई, यदि उसकी हत्या हुई तो किसने और क्यों की। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसमें ही वास्तविक स्थिति पता चलेगी कि जेई की मौत पानी में डूबने से हुई या फिर उसकी हत्या की गई है। पुलिस इस मामले का शनिवार को खुलासा कर सकती है। किसी ने फिलहाल पुष्टि तो नहीं की लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे सट्टेबाजी का खेल हो सकता है। सटोरियों के नेटवर्क के तार जेई के गांव गगसीना और करनाल शहर से जुड़े हो सकते है।
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..तो करनाल में ही मिले थे जेई को दोस्त
-परिजनों को फोन करते समय, जेई दीपक ने जिन दोस्तों के साथ होने का जिक्र किया था, जिनके लिए परिजनों को खाना बनाने के लिए भी कहा था। वह दोस्त कौन थे और वारदात के बाद आखिर कहां चले गए। अब तक जो जानकारी मिली है, उससे ये स्पष्ट होता है कि चंडीगढ़ से करनाल आते समय जेई दीपक कार में अकेला ही था। क्योंकि पुलिस के अनुसार चंडीगढ़ से करनाल तक टोल प्लाजा की सीसीटीवी को चेक किया गया है। उसमें तो जेई के साथ कोई दोस्त दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे संभावना ये जताई जा रही है कि जेई को उसके दोस्त करनाल में ही मिले।
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गगसीना का माहौल गमगीन
- गगसीना का माहौल गमगीन है, दीपक का शव मिलने के बाद परिजन बेहाल हैं। मां, पत्नी का रोते रोते बुरा हाल है। पिछले चार दिनों में दूर दराज से कई रिश्तेदार तो पहले से ही घर पहुंच चुके थे। परिवार में सोमवार से ही खाना नहीं बन रहा है। क्योंकि जेई अपने माता पिता का का इकलौता बेटा था। नाते रिश्तेदार ही किसी तरह परिवार को संभाल रहे हैं। परिजनों सहित पूरे गांव को भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
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