संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में तिरंगा फाड़ने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, खुलासा किया है कि कॉलेज के ही डाटा इंट्री ऑपरेटर ने रंजिश के चलते सेवादार को तिरंगा हटाने के लिए मजबूर किया था। सेवादार और डाटा इंट्री ऑपरेटर के बीच काफी समय से रंजिश चल रही थी, इसलिए लंगर सेवादार को फंसाने के लिए ऑपरेटर ने ऐसा किया।
सिविल लाइन थाना प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि कॉलेज में डाटा इंट्री ऑपरेटर अंकुश और लंगर सेवादार हरभजन के बीच पहले से विवाद चल रहा था। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो सारा राज खुल गया। सेवादार की कॉलेज में बदनामी कराने के लिए ऑपरेटर आरोपी अंकुश ने 16 अप्रैल को गेट पर तिरंगा लगाया और तिरंगा वहां दीवार पर लिखे फोन नंबर के ऊपर ही लगाया। फाेन नंबर के ऊपर से सेवादार को तिरंगा हटाना मजबूरी बन गया। उसके बाद आरोपी अंकुश ने सेवादार के खिलाफ शिकायत दे दी। साथ ही इस मामले को तूल दे दिया। मुख्य आरोपी अंकुश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।