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Karnal News: मौसम का बदलेगा मिजाज, अंधड़ और बूंदाबांदी के आसार

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल सकता है। बुधवार दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच चिलचिलाती धूप रही, लेकिन वीरवार देर रात से मौसम में बदलाव की संभावना है। जिसके बाद 28, 29 व 30 अप्रैल तक तेज हवाओं और अंधड़ के साथ हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। गेहूं और सरसों की कटाई का कार्य तो लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन तूड़ी और भूसा जरूर खेतों में है, जो उड़ या बिखर सकता है। इसलिए किसानों को इसका उचित प्रबंध करने की सलाह दी गई है। वहीं, अनाज मंडियों में पड़ा 1384930 क्विंटल गेहूं भीगने का खतरा है।
अप्रैल महीने में लगातार मौसम परिवर्तनशील है। गेहूं की कटाई जब जोरों पर थी, तो भी तेज हवाओं के साथ दो तीन बार बारिश व ओलावृष्टि हुई। हालांकि अधिक समय तक बारिश या ओलावृष्टि नहीं होने से नुकसान कम ही हुआ है। इससे पहले भी मार्च महीने में गेहूं की फसल खेतों में गिर गई थी। अब एक बार फिर मौसम अपने तेवर दिखाने जा रहा है। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) की जिला कृषि मौसम सेवा के कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. योगेश कुमार ने बताया कि 27 अप्रैल की देर रात से मौसम में बदलाव की संभावना है। गरज चमक के साथ बूंदाबांदी शुरू हो सकती है। ये स्थिति 29 से 30 अप्रैल तक बनी रह सकती है। हवाओं की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटा रह सकती है। जिससे अंधड़ की स्थिति बन सकती है। तेज धूप का लाभ भी किसानों को मिला है।
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क्यों हो रहा मौसम में परिवर्तन
वैज्ञानिक डॉ. योगेश कुमार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार तेज धूप हो रही है, लेकिन अब एक पश्चिमी विक्षोभ का चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पाकिस्तान से सटे भारत के ऊपरी इलाके पर बना है। इसके आंशिक प्रभाव से उत्तर भारत में मौसम में बदलाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
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मूंग की बिजाई के लिए खेत करें तैयार
डॉ. योगेश कुमार ने बताया कि अब चंद स्थानों पर पछेती बिजाई वाले गेहूं को छोड़कर गेहूं की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है। सरसों की भी कटाई हो चुकी है। तेज हवाओं से खेतों में भूसा या तूड़ी उड़ सकती है, जिसका प्रबंध किसानों को करना चाहिए। पछेती बिजाई वाले खेतों में भी किसानों को कटाई पूरी कर लेनी चाहिए। किसानों को चाहिए कि वह मूंग की बिजाई के लिए खेतों को तैयार करें। मूंग के बीज को किसी प्रमाणित स्रोत से ही खरीदें ताकि उसे जमने में किसी तरह की दिक्कत न आए।
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