फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: खतरों से खाली नहीं चांदपुर आरओबी का सफर

विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के इकलौते चांदपुर आरओबी का करीब आधा किलोमीटर सफर खतरों से खाली नहीं है। क्योंकि पूरे आरओबी के रास्ते सफेद पट्टी (पैज व सेंटर लाइन) व बरम गायब हैं। साथ ही पूर्व सूचक बोर्ड, लाइट व संकेतक भी नहीं हैं। उस पर आरओबी के दोनों ओर जगह-जगह रेलिंग टूटी या गायब हो चुकी हैं। इन्हीं खामियों में कई वर्षों से यहां वाहनों के पलटने व टकराने की घटनाएं हुईं। खासकर गन्ना पिराई शुरू होने पर ट्रैफिक दबाव बढ़ने और कोहरे के समय में ऐसे हादसों ज्यादा होते हैं, दोनों की सूरत में इस समय चांदपुर आरओबी को सुरक्षित किया जाना जरूरी है, पर अभी तक पीडब्ल्यूडी की कोई कार्रवाई नहीं दिखी है।
विज्ञापन

बता दें कि कैंप समीप विश्वकर्मा चौक से महाराणा प्रताप चौक के बीच करीब आधा किलोमीटर चांदपुर आरओबी का सफर है। कुरुक्षेत्र-सहारनपुर (यूपी) से शहर आने-जाने का यही मुख्य रास्ता है। इसी रास्ते शहर से होते हुए ट्रैफिक अंबाला, हिमाचल, उत्तराखंड को आता-जाता है। इस कारण आरओबी से 24 घंटे वाहनों की आवाजाही है। विभिन्न राज्यों की रोडवेज बसों के अलावा लकड़ी, प्लाई, गन्ना सहित अन्य कारोबारों से जुड़ी सामग्री को लेकर वाहन आते-जाते हैं। जबकि जिले की आधी आबादी को भी आरओबी शहर से जोड़ता है। इस कारण स्थानीय लोगों का चांदपुर आरओबी से रोज का आना-जाना रहता है। यहां ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है, पर मार्ग की चौड़ाई ज्यों की त्यों है वहीं, यातायात नियंत्रण के भी पर्याप्त प्रबंध नहीं हैं। मार्ग पर सफेद पट्टी (पैज व सेंटर लाइन) गायब है या पूरी तरह फीकी पड़ चुकी है। जबकि सड़क पर वाहनों को सुरक्षित व सुगम तरीके से सुचारू रखने को सफेद पट्टी काफी कारगर है। खासकर रात में व धुंध बढ़ने पर वाहन चालक इसकी मदद से सही दिशा को भांप पाता है। जबकि इसके अभाव में सड़क किनारे से उतर कर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठता है और खुद व वाहन में सवार और अन्य वाहन व उसमें सवार लोगों को हादसे की चपेट में ले लेता है। अभी कुछ दिनों से अलसुबह में कोहरा रहने लगा है, बावजूद इसके अभी तक यहां सफेद पट्टी नहीं लगाई गई।

आरओबी पर सफेद पट्टी के अलावा बरम भी गायब है। मार्ग के दोनों ओर करीब एक-एक फीट कच्चा रास्ता है, उसके भी खस्ताहाल होने से बाइक व साइकिल सवार और पैदल राहगीरों को आने-जाने में हादसे का खतरा रहता है। क्योंकि सफेद पट्टी व बरम के अभाव में भारी वाहन मार्ग के किनारे कच्चे रास्ते से भी होकर भी निकलने लगते हैं। ऐसे में दोपहिया चालकों व पैदल राहगीरों में हादसे का भय है। साथ ही आरओबी पर जरूरी संकेतक व पूर्व सूचना बोर्ड भी नहीं हैं। जबकि कोहरे के सीजन के मद्देनजर मार्ग की स्थिति बताते रिफ्लेक्टर वाले सूचक होने चाहिएं। इसके अलावा आरओबी के दोनों ओर जगह-जगह रेलिंग टूटी या गायब हैं, ऐसा ही नजारा रेलवे ट्रैक के ऊपर भी है। जो बड़े हादसे की वजह हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मार्ग पर जरूरी काम जल्द से जल्द पूरे किए जाएंगे। इस संबंध में संबंधित कर्मचारियों को निर्देश देंगे।- नवीन खत्री, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें