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Karnal News: अधूरे सर्वे को ड्रोन से किया जा रहा पूरा, जल्द देंगे जवाब-एसडीएम

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अंबाला। 15 साल पुराने सर्वे में कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट ने अंबाला सदर के संपदा अधिकारी और हरियाणा सरकार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अब इसे लेकर विभागीय अधिकारी कार्रवाई में जुट गए हैं ताकि अगली सुनवाई के दौरान वो तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रख सकें। वहीं अधूरे सर्वे को पूरा करने के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है ताकि कहीं कोई अवैध निर्माण हो तो उसकी रिपोर्ट में भी सर्वे में आ जाए। वहीं इस दौरान यह भी देखा जाएगा कि अधिकृत और अनधिकृत कितनी संपत्तियां सदर क्षेत्र में हैं। इस कार्य को पूरा करने का समय पहले 30 अप्रैल रखा गया था, लेकिन सर्वे के कार्य में जुटी कंपनी ने अब 15 जून तक सर्वे को पूरा करने की मोहलत मांगी है।
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यह था मामला
दरअसल वर्ष 2009 में हरियाणा सरकार द्वारा 1066 एकड़ में बसे छावनी सदर एक्साइज एरिया का सर्वे करवाया था ताकि इस पर आगामी कार्रवाई हो सके। लेकिन यह तथ्य हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान छिपाए गए और नए सर्वे को लेकर जानकारी दी गई कि सर्वे अभी चल रहा है। जब इसकी जानकारी हाईकोर्ट के संज्ञान में आई और उन्होंने संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा तो अधिकारी ने बताया कि पिछले सर्वे में कुछ खामियां थी, इसलिए नए सिरे से सर्वे की कार्यवाही चल रही है। लेकिन जवाब से संतुष्ट न होने पर हाईकोर्ट ने जुर्माना लगा दिया।
हाईकोर्ट में डाली थी याचिका
अंबाला सिटी के सेक्टर 9 निवासी पवन कुमार और अंबाला छावनी के शास्त्री कॉलोनी निवासी अरुण शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी कि छावनी सदर एक्साइज एरिया के अधीन 1066 एकड़ जमीन आती है। लेकिन बरसों से इस जमीन पर बसे लोग न तो अपनी संपत्ति को बेच सकते हैं और न ही किराए पर दे सकते हैं क्योंकि इस जमीन पर हरियाणा सरकार का 1973 का अर्बन एक्ट लागू नहीं होता। लेकिन सेना ने 5 फरवरी 1977 को यह जमीन हरियाणा सरकार के सुपुर्द कर दी थी ताकि सरकार जरूरत अनुसार इस पर प्रशासनिक व प्रबंधन से जुड़े कार्य करवा सके।
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यह मामला 15 वर्ष पुराने सर्वे को लेकर है। नए सर्वे का कार्य ड्रोन से किया जा रहा है ताकि 1066 एकड़ की जगह की विस्तृत रिपोर्ट तैयार हो सके। वहीं हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए जुर्माने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। वहीं अगली सुनवाई जुलाई में है तो तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा जाएगा।
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सतिंद्र सिवाच, संपदा अधिकारी, सदर क्षेत्र।
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