अपने लड्डू गोपाल के साथ रिया। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। वर्ष 2011 में रिया की शादी हुई थी। शादी के करीब दो महीने बाद पति अनिल पानीपत से काम से लौटते समय बाजार से लड्डू गोपाल लाए और उनकी गोद में बिठा दिए। रिया बताती हैं कि उसी दिन से मानो घर में खुशियों का आगमन हो गया। ठाकुर जी की कृपा से जल्द ही उनके घर पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। नाम निकुंज रखा। पूरा परिवार लड्डू गोपाल की सेवा करता है। पड़ोस में रहने वाले परिवार ने उनके सेवाभाव को देखते हुए उन्हें अपने लड्डू गोपाल सौंप लिए। जब पानीपत से लाए गए लड्डू गोपाल 10 वर्ष के हुए तो उन्हें बड़ा स्वरूप देने का विचार आया। वर्ष 2022 में रामगली स्थित कान्हा जी के पार्लर से 10 नंबर के लड्डू गोपाल लाकर विधिवत गृहप्रवेश करवाया। संकल्प था कि पुत्र निकुंज के विवाह के समय राधा रानी को घर लाएंगी। हालांकि परिवार के आग्रह पर तीन वर्ष पहले राधा रानी को घर लाकर कान्हा जी के साथ मंदिर में विराजमान कर दिया। आज उनके घर तीन लड्डू गोपाल और राधा रानी विराजमान हैं। संवाद