संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कालीदास रंगशाला में रविवार को उत्तराखंड की संस्कृति की बयार बही। पहाड़ों की पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी को झूमने पर विवश कर दिया। इस मौके पर उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ मां गंगे की डोली निकालकर किया गया। कलाकारों ने पहाड़ी लोक गीतों से उत्तराखंडी संस्कृति से सराबोर कर दिया। लोक गायक प्रकाश काला ने ‘न गढ़वाली, न कुमाऊंनी, हम उत्तराखंडी हैं’ गाकर सभी को थिरकने पर मजबूर कर दिया। लोक गायिका कविता ने ‘गौ छूटि गे, पहाड़ छूटी गे, परदेश जाणा मां मेरो जिया रूठि गे’ गीत प्रस्तुत किया जिससे दर्शक भाव विभोर हो गए।
उत्तराखंड सभा के संयोजन में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में उत्तराखंड के करनाल में रह रहे सैकड़ों परिवार समय से पहले ही पहुंच गए थे। दर्शक दीर्घा भरी थी। अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर पहुंचीं मेयर रेनू बाला गुप्ता ने उत्तराखंडी समाज को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड समाज के लोगों का हर संभव सहयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला ने भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से समाज को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जिस प्रकार हरियाणा को हरि की धरती कहा जाता है, उसी प्रकार प्राकृतिक सौंदर्य और संसाधनों से भरपूर उत्तराखंड को देव भूमि कहा जाता है। दोनों राज्यों के लोग आपस में अतिथि देवो भव की संस्कृति का निर्वाह करते हुए परस्पर प्रेमभाव के साथ रहते हैं। भाजपा सरकार उत्तराखंडी समाज की सदैव ऋणी रहेगी। व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष कृष्ण लाल तनेजा ने भी समाज को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। उत्तराखंड प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक ओमप्रकाश भट्ट ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उत्तराखंड के लोगों को विशेष सम्मान मिल रहा है। जिला प्रधान पूर्णचंद पांथरी ने कहा कि वर्तमान सरकार एक भारत श्रेष्ठ भारत की मूल भावना पर कार्य करते हुए समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है।
लोक गायक प्रकाश काला, गायक पन्नू गोसाई, गौरव पंथ और कविता ने उत्तराखंड राज्य की गौरव गाथा को प्रस्तुत किया। उत्तराखंड सभा की ओर से प्रधान पूर्णचंद पांथरी, महासचिव हरीश शर्मा, कोषाध्यक्ष राकेश शर्मा, रमेश बलोदी, भोपाल सिंह आर्य, धीरज सिंह रावत, आनंद सिंह बिष्ठ और चंदू मोहन रावत सहित अन्य सदस्यों ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मौके पर भारी संख्या में उत्तराखंड सभा, कुमाऊं विकास परिषद, गढ़वाल सभा व समस्त उत्तराखंडी समाज से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
कोटद्वार-रामनगर के लिए भी शुरू होगी बस सेवा
बोली, भाषा, गीत और संस्कृति ही हमारी पहचान : परिवहन मंत्री
- उत्तराखंड सभा को परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने पांच लाख रुपये देने की घोषणा की
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए हरियाणा के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी बोली, भाषा, गीत और संस्कृति ही हमारी पहचान है। हम जहां भी रहें, हमें अपनी संस्कृति से सदैव जुड़े रहना चाहिए। उत्तराखंड सभा की मांग पर करनाल से उत्तराखंड के कोटद्वार और रामनगर की ओर बस सेवा शुरू करने का एलान करने के साथ ही रोडवेज महाप्रबंधक को निर्देश दिए। उन्होंने अपने निजी कोष से उत्तराखंड सभा को पांच लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
परिवहन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल में हुई थी और यह उत्तराखंड के लोगों के लंबे समय के संघर्ष का परिणाम था। मंत्री ने कहा कि हरियाणा और उत्तराखंड राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां अलग होने के बावजूद दोनों राज्यों में बहुत सी समानताएं हैं। दोनों राज्यों में निकटता होने के कारण कृषि और बागवानी के क्षेत्र में भी अनुभव साझा करते हुए बेहतर काम किया है।
काली दास रंगशाला में उत्तराखंड सभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में ताली बजाकर कलाकार का स्वागत करत
काली दास रंगशाला में उत्तराखंड सभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देते कलाकार। सं?