करनाल। नगर निगम के पांच साल की कार्यकाल की अंतिम हाउस की बैठक वीरवार को हुई। जिसमें पार्षदों ने अवैध कॉलोनियों के नियमित न होने, कुत्तों और बंदरों के साथ लावारिस पशुओं से निजात नहीं दिलाने, पिछली बैठकों में पारित कई प्रस्तावों पर कार्य नहीं होने, शौचालयों की सफाई नहीं होने जैसे मुद्दे उठाए। हालांकि इसमें 2013 व 2018 में नियमित कॉलोनियों के अवशेष हिस्सों को नियमितीकरण के प्रस्तावों सहित सभी 12 प्रस्तावों को कुछ बिंदुओं को छोड़कर पारित कर दिया गया। इसके अलावा 20 करोड़ की लागत से शहर में दो बड़ी परियोजनाओं को शुरू करने, आठ किमी सड़कों का सड़कों, पार्को, गोल चक्र चौराहों का सुंदरीकरण करने जैसे प्रस्तावों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। अंतिम बैठक होने के कारण पार्षदों ने महापौर, निगमायुक्त सहित सभी अफसरों, कर्मचारियों का आभार भी व्यक्त किया। अब चार जनवरी को विदाई समारोह का आयोजन किया जाएगा।
महापौर रेणू बाला गुप्ता की अध्यक्षता में निगमायुक्त अभिषेक मीणा व मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला की मौजूदगी में वीरवार को हाउस की बैठक शुरू हुई। इस दौरान पार्षदों ने कॉलोनियों का नियमितीकरण नहीं होने की बात रखी। महापौर रेनू बाला गुप्ता ने भवन शाखा को निर्देश दिए कि वह निगम क्षेत्र की कॉलोनियों के नियमितीकरण के मामलों में ओर तेजी लाएं। एटीपी ने सदन को बताया कि नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की ओर से 39 कॉलोनियों की सूची निगम में आई थी। इनमें से आठ कॉलोनियां सरकार की ओर से पास कर दी गई हैं, इनकी नोटिफिकेशन आनी बाकी है। 20 कॉलोनियों के केस तैयार हो चुके हैं, जो जल्दी मुख्यालय भेजे जाएंगे। 2018 में वैध हुई कॉलोनियों के 88 हिस्से अनियमित रह गए थे। इनमें से 28 का रिकॉर्ड उपलब्ध है और 22 पैच के केस तैयार किए जा चुके हैं, जिन्हें मुख्यालय प्रेषित किया जाएगा। निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी कॉलोनियों को वैध करवाने की प्रक्रिया 28 फरवरी से पहले-पहले पूरी कर सरकार के पास भेजी जाएगी। सीनियर डिप्टी मेयर राजेश अग्घी, डिप्टी मेयर नवीन कुमार, युद्धवीर सैनी, पार्षद प्रतिनिधि भूपेंद्र नोतना, मोनू व मुकेश अरोड़ा, जोगिंद्र शर्मा आदि पार्षदों ने लावारिश कुत्तों, बंदरों, गोवंश से शहर को निजात नहीं दिलाने, शौचालयों की सफाई का कार्य एजेंसी देने के बाद भी उनमें भारी गंदगी होने, सीवरेज-पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने, पाइप लाइन के लिए खोदी गई सड़कों को खस्ताहाल छोड़ देने जैसे कई मुद्दे उठाए।
महापौर गेणू बाला गुप्ता ने बताया कि दिव्य नगर योजना के शहर में अनुमानित 20 करोड़ रुपये की लागत की दो बड़ी परियोजनाओं पर काम करवाया जाएगा। इसमें आठ किमी की विभिन्न सड़कों और शहर के मुख्य-मुख्य पार्क व चौक-चौराहों का सुंदरीकरण करवाया जाना है। इन दोनों कार्यों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करके मुख्यालय भेजी जा चुकी है। इनकी अनुमति जल्द ही मिल जाएगी। प्रगति पर चल रहे विकास कार्यों को समय पर पूरा करवाने के लिए निगम अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं। जो एजेंसी निर्माण कार्यों में देरी कर रही है, उसे ब्लैकलिस्ट करने को भी कहा गया है। सफाई कर्मचारियों के हाजिरी स्थल पर शैड व शौचालयों का निर्माण जल्द कराने के निर्देश दिए।
बाजार क्षेत्र में रात्रि सफाई की तकनीकी स्वीकृति के लिए फाइल को मुख्यालय भेजा गया है। दो वर्ष के लिए इसका टेंडर लगाया जाएगा। निगम के अधीन सामुदायिक केंद्रों को लीज पर देने की प्रक्रिया चल रही है। 21 दिसंबर को खुली बोली करवाई जाएगी। इनकी ऑनलाइन बुकिंग ही करवाई जाएगी। पशु डेयरियों को पिंगली डेयरी स्थल पर शिफ्ट करने में ओर तेजी लाने के भी निर्देश दिए। आवारा पशुओं को पकड़ने और शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के अभियान को भी जारी रखने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने अभियंताओं को निर्देश दिए कि शहरवासियों की सुविधा के लिए कोई बड़ा प्रोजेक्ट लेकर आएं। शहर का यातायात विश्लेषण कर सकते हैं। अंडरपास आदि बनाए जा सकते हैं। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त गौरव कुमार, संयुक्त आयुक्त अदिति, उप निगमायुक्त अरुण भार्गव के अलावा वार्ड 12. 14 व 18 के पार्षदों को छोड़कर सभी पार्षद मौजूद रहे।
शहर में एलईडी स्क्रीन पर चलेगा गीता पाठ
- महापौर ने बताया कि 23 दिसंबर को शहर में गीता जयंती मनाई जाएगी। इस दिन सुबह 11 बजे सभी एक मिनट के लिए गीता पाठ करें। शहर में विभिन्न चौक-चौराहों पर लगी एलईडी स्क्रीन पर भी गीता पाठ चलाया जाएगा। 16 दिसंबर से नगर निगम क्षेत्र में विकसित भारत संकल्प यात्रा शुरू होगी। जो करीब एक महीने तक चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 दिसंबर को लाइव जुड़ेंगे। इसके लिए वार्ड में ऐसी जगह का चयन किया जाएगा, जहां नागरिक एकत्र होकर विभिन्न योजनाओं का लाभ ले सकें।
लावारिस कुत्तों-बंदरों से मिलेगी निजात
- निगमायुक्त ने बताया कि इसके लिए कुत्ते बंदरों से निजात के लिए तीन बार टेंडर लगाए गए लेकिन कोई भी एजेंसी सामने नहीं आई है। अब इस कार्य को नगर निगम अपने स्तर पर करवाएगा। इसके लिए स्लाटर हाऊस में ऑप्रेशन थिएटर तैयार किया जाएगा और वेटरनरी डॉक्टर हायर करके कुत्तों की नसबंदी का कार्य करवाया जाएगा। बंदरों को पकड्ने के लिए भी टेंडर लगाया गया था, इसके लिए तीन एजेंसियां क्वालिफाई हुई हैं। निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी करके सही काम करने वाली एजेंसी को कार्य आवंटित किया जाएगा।
पांच साल बाद कॉलोनी वैध निकली
- पार्षद बलविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि नरसी विलेज में पांच करोड़ के सड़कें बनी, लेकिन बाद में निगम ने कॉलोनी निगम को हैंडओवर न होना बताकर कार्य नहीं किया। टिकड़ा बस्ती ऐसी कॉलोनी रही, जिसमें पांच साल में ये कहकर निगम ने काम नहीं किया कि ये कॉलोनी वैध नहीं है लेकिन अब जांच हुई तो कॉलोनी वैध निकली।
-
ये प्रस्ताव हुए पारित
प्रस्ताव- एक : 10 अक्तूबर को हुई बैठक की कार्रवाई की पुष्टि।
प्रस्ताव-दो : वार्ड 20 के गांव उचाना में पंजाबी राजपूत समाज के लिए चौपाल का निर्माण।
प्रस्ताव-तीन : हकीकत नगर स्थित कुष्ठ कॉलोनी में प्राइमरी स्कूल के निर्माण के लिए भूमि।
प्रस्ताव-चार: निगम सीमा में स्थित कॉलोनियां/क्षेत्र जो वर्ष 2018 में नियमित होने से छूटे हिस्सों का नियमितीकरण।
प्रस्ताव-पांच: निगम क्षेत्र में स्थित 10 कॉलोनियों/क्षेत्रों को 28 मार्च को दिए छूटे खसरा नंबरो पर सर्वे करवाकर नाम सहित नियमितीकरण के लिए भेजना।
प्रस्ताव-छह: 2013 में निगम सीमा में स्थित कॉलोनियों/क्षेत्रों को अनियमित हिस्सों को नियमित करने के लिए मुख्यालय भेजना।
प्रस्ताव-सात, आठ, नौ, 10, 11 व 12 में वार्ड-तीन. चार, पांच, छह 15 व 20 में विकास कार्य कराने को हरी झंडी।