गांव में मातम, घरों में नहीं जले चूल्हे, बुधवार शाम बाइक समेत नहर में डूबने से चचेरे भाई समेत तीन युवकों की हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
मूनक। पश्चिमी यमुना नहर में बाइक समेत गिरकर डूबने से बुधवार को ऐंचला गांव के तीन युवकों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद गांव में मातम छाया है। बुधवार की शाम से लोगों के घरों में चूल्हे नहीं जले। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
वीरवार को पोस्टमार्टम के बाद जब तीनों युवकों के शव एक साथ गांव में पहुंचे तो हर आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार के लिए एक साथ तीन युवकों की अर्थियां उठती देख ग्रामीण फफक पड़े। मांताएं बार-बार अपने लाडले को पुकार रही हैं।
सदर थानाक्षेत्र के ऐंचला गांव के किसान परिवार के साहिल और दिपांशु चचेरे भाई हैं। जबकि रितेश उनका दोस्त है। दिपांशु और रितेश राजकीय कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के छात्र थे। साहिल विदेश जाने के लिए आइलेट्स की तैयारी कर रहा था। बुधवार को बाइक पर सवार होकर चार युवक करनाल शहर से गांव लौट रहे थे। शाम करीब साढ़े छह बजे पिचौलिया और गगसीना के बीच पश्चिमी यमुना नहर की पटरी पर पहुंचे तो सड़क खराब होने के कारण दूसरे वाहन को बचाने के प्रयास में बाइक नहर में फिसल गई और चारों युवक नहर में गिर गए।
साहिल, दिपांशु और रितेश नहर में डूब गए, जबकि गन्नौर निवासी हिमांशु किनारे पर डूबते हुए चिल्लाता रहा। इसी दौरान एक राहगीर ने उसकी आवाज सुनी और उसे बाहर निकाला।
बुआ के घर जा रहा था हिमांशु
गन्नौर निवासी हिमांशु ने बताया कि वह गन्नौर से करनाल आया था और उसे ऐंचला में अपनी बुआ के घर आना था। रास्ते में उसे रितेश, दीपांशु और साहिल मिल गए। जिसके बाद इन्होंने मुझे भी बाइक पर बैठा लिया। वह चारों एक ही बाइक पर सवार होकर गांव की तरफ नहर की पटरी से जा रहे थे। पिचोलिया से निकल कर ऐंचला गांव के पास पहुंचे तो सड़क खराब होने के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह चारों नहर में जा गिरे। जब वे नहर में गिरे तो चारों ने आपस में हाथ थामा हुआ था ताकि डूबें नहीं, लेकिन उसका हाथ छूट गया और वह किनारे सट गया, जबकि वे तीनों दूसरी तरफ से निकलने की कोशिश में डूब गए।