करनाल। जिला सचिवालय के सामने तीन अक्तूबर से धरने पर बैठे रोहतक पीजीआई के कर्मचारियों में सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ता जा रहा है। प्रधान अभिषेक ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि हमारी बात सुनने के लिए कोई भी सत्ताधारी नेता मिलने के लिए नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने जो आश्वासन दिया था वह भी झूठा निकला। प्रधान अभिषेक और महासचिव महेश ने कहा कि रोहतक पीजीआई में काम करने वाले 1271 ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें हरियाणा कौशल रोजगार निगम से नहीं जोड़ा गया है। अनुबंध कर्मचारी हेल्थकेयर रोहतक एसोसिएशन का कहना है कि कर्मचारियों को बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। खेद की बात है कि सभी त्योहार कर्मचारियों को फुटपाथ पर बैठकर मनाने पड़े। राकेश प्रधान, अमित, ईश्वंती, संजय, सुरेंद्र, अशोक व प्रदीप आदि मौजूद रहे। संवाद