करनाल। केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने को मंजूरी दिए जाने पर अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ ने विरोध जताया है। मंत्रिमंडल ने पूंजी-परस्त आर्थिक सुधारों की एक शृखंला को मंजूरी दी है। इसमें बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने और बीमा कानून (संशोधन) विधेयक को स्वीकृति देना शामिल है। नोर्दन जोन इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन (एनजेडआईईए) के मंडल सचिव नीरज अरोड़ा ने कहा सरकार को कॉरपोरेट मुनाफे से ऊपर जनता के हितों को रखना चाहिए। इस निर्णय के न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था पर, बल्कि भारतीय बीमा कंपनियों पर भी गंभीर दुष्परिणाम पड़ेंगे। ब्यूरो