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Karnal News: चकबंदी की जमीन पर कब्जे को लेकर तनाव

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- कोर्ट में भी चल रहा जमीन का मामला, प्रशासन की ओर से कब्जे की कार्रवाई के लिए दिया गया था नोटिस
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- नोटिस मिलने के बाद दोनों पक्षों के किसान एसडीएम से मिले मगर नहीं सुलझा मामला

संवाद न्यूज एजेंसी

घरौंडा। जिला प्रशासन की कार्रवाई के बाद यमुना के साथ लगती चकबंदी की विवादित जमीन को लेकर किसान आमने-सामने आ गए हैं। प्रशासन से अचानक मिले नोटिस के बाद चकबंदी की सैकड़ों एकड़ भूमि के मामले में पांचों गांव के किसानों के दो पक्ष बृहस्पतिवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम घरौंडा ने दोनों पक्षों के 10-10 प्रतिनिधियों की कमेटी से करीब एक घंटे तक बात की। बातचीत के बाद एक पक्ष ने प्रशासन पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है।

एक पक्ष के किसानों का कहना है कि किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे। इसके साथ ही चेतावनी दी कि प्रशासन ने जबरन जमीन छुड़वाने का प्रयास किया तो किसी भी हद तक जा सकते हैं। इस दौरान किसानों के उग्र रवैए पर एसडीएम कार्यालय में पुलिस बल भी तैनात रहा। गौरतलब है कि चकबंदी की सैकड़ों एकड़ भूमि पर कब्जे को लेकर पिछले कई वर्षों से गांव कॉलरम, कैरवाली, अराईपुरा, लालू पुरा एवं अमृतपुर के किसानों के बीच विवाद चला आ रहा है। इस जमीन पर कब्जा को लेकर पूर्व में दोनों पक्षों में विवाद हो चुका है। कई वर्ष पूर्व जिला प्रशासन की ओर से कब्जा लेने प्रयास किया गया था, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते हो नहीं सका। मामला न्यायालय में चला गया। दोनों पक्ष इस विवादित जमीन पर अपना हक जताने के लिए अभी भी न्यायालय के चक्कर काट रहे हैं।
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मंगलवार को जिला प्रशासन की ओर से इन पांचों गांवों के किसानों को दिए गए नोटिस के बाद विवाद बढ़ गया। उसी दिन इन किसानों ने प्रशासन से लेकर राजनेताओं तक भागदौड़ शुरू कर दी। बुधवार को एक पक्ष एसडीम अदिति से मिला और अपना पक्ष रखा, लेकिन एसडीएम ने दोनों पक्षों से बातचीत करने के लिए बृहस्पतिवार को कार्यालय बुलाया।
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बृहस्पतिवार को ग्रामीण एसडीएम से मिले और दोनों पक्षों के कुछ प्रमुख व्यक्तियों ने एसडीएम से मिलकर अपना-अपना पक्ष रखा। एक पक्ष के किसानों का कहना है कि इन गावों के कुछ किसानों ने चकबंदी की करीब 468 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा किया है और पिछले कई वर्षों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। दूसरे पक्ष के किसानों का कहना है कि वे 1938 से इस जमीन पर काबिज हैं और मामला 468 का नहीं बल्कि 16660 एकड़ भूमि पर विवाद का है। मामला न्यायालय में हैं। एसडीएम अदिति ने कहा कि चकबंदी की जमीन को लेकर जिला प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों को बुलाया गया था। दोनों पक्षों से बातचीत हुईं है। 468 एकड़ भूमि के कुछ हिस्से पर कब्जा किया हुआ है। जिसको कब्जा मुक्त करवाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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