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Karnal: तहसीलदार और रीडर रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार, स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने की कार्रवाई

Mon, 19 Sep 2022 02:03 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)

सार

स्टेट विजिलेंस ने पहले 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रीडर को पकड़ा, फिर तहसीलदार को दबोचा है। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दोनों को सुबह न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social media
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विस्तार
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हरियाणा के करनाल में एक बार फिर रिश्वत का मामला सामने आया है। तहसीलदार करनाल/घरौंडा/इंद्री निखिल सिंगला और उनका रीडर गुलशन गुलाटी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो करनाल के इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने पहले अपनी टीम के साथ एक ग्रामीण से गिरदावरी दुरुस्त करने के नाम पर 20 हजार रुपये रिश्वत लेते करनाल शहर के नूर महल चौक से रीडर को गिरफ्तार किया।

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रीडर ने जब यह बताया कि यह रिश्वत उसने तहसीलदार को देने के लिए ली थी, तो फिर तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दोनों को सुबह न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। 
निखिल सिंगला की तैनाती घरौंडा के तहसीलदार पद पर है, लेकिन तहसीलदार राजबख्श को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद करनाल के तहसीलदार पद का अतिरिक्त कार्यभार भी इन्हें ही दे दिया गया था। इनके पास इंद्री के तहसीलदार का भी अतिरिक्त कार्यभार है। बताते हैं कि सदरपुर गांव निवासी विनोद कुमार को जमीन की गिरदावरी ठीक करानी थी।
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कई दिन पहले वह तहसीलदार निखिल सिंगला से मिला तो उन्होंने अपने रीडर गुलशन गुलाटी से मिलने को कहा। रीडर ने ग्रामीण को कई दिन तक चक्कर कटवाए। बाद में बोला कि यह कार्य ऐसे नहीं होगा, इसके लिए 25 हजार रुपये देने होंगे। विनोद ने जब इतने पैसे देने में असमर्थता जाहिर की तो रीडर ने तहसीलदार से पूछकर मामला 20 हजार रुपये तय कर लिया।

लेकिन विनोद ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के प्रभारी सचिन कुमार से मिलकर पूरा मामला बताया। ये भी बताया कि रुपये आज ही नूर महल चौक पर देना तय हुआ है तो फिर विजिलेंस टीम सक्रिय हुई और रीडर को रंगेहाथों पकड़ने की तैयारी की गई। रंग लगे नोट दिए गए। शिकायत पर एक्शन लेते हुए एसडीएम अनुभव मेहता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।

इसके बाद विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाया और नूर महल चौक पर गुलशन ने विनोद से 20 हजार रुपए लेते रंगेहाथों रीडर गुलशन गुलाटी को गिरफ्तार कर लिया गया। रंग लगे रुपए भी बरामद कर लिए। इंस्पेक्टर सचिन ने बताया कि गुलशन से पूछताछ की गई तो उसने बयान दिया कि उसने तहसीलदार निखिल सिंगला के कहने पर रिश्वत ली थी। जिसके बाद निखिल सिंगला को करनाल से ही उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।

कुछ माह पहले गुलशन पर लगे थे गंभीर आरोप
कुछ माह पहले घरौंडा तहसील कार्यालय में लोगों ने गुलशन पर अभद्रता के आरोप लगाए थे। इसके अतिरिक्त रिश्वत के भी आरोप लगे थे, लेकिन किसी ने शिकायत नहीं दी थी। मामला विधायक हरविंद्र कल्याण के संज्ञान में आया था। जिस पर एसडीएम को जांच के निर्देश दिए थे, लेकिन मामले में कुछ ज्यादा कार्रवाई नहीं हो पाई थी।

तहसीलदार घरौंडा/करनाल/इंद्री निखिल सिंगला व उनके रीडर गुलशन गुलाटी को रविवार को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। सोमवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। न्यायालय की अनुमति से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। तभी आगे खुलासा हो सकेगा। किसी से भी कोई अधिकारी, कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो वह स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के सेक्टर-7 स्थित भवन संख्या 2206 कार्यालय में आकर संपर्क कर सकता है। - सचिन, इंस्पेक्टर स्टेट विजिलेंस ब्यूरो करनाल  

इससे पहले भी तहसीलदार हो चुके गिरफ्तार
इसस पहले करनाल के तहसीलदार राजबख्श को 14 मार्च 2022 को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो करनाल ने ही रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था। इससे पहले 11 मार्च को डीटीपी विक्रम कुमार को रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया था, उनके पास जो धन मिला था, उसमें तहसीलदार का हिस्सा बताया गया था। इस मामले की जांच अब ईडी द्वारा की जा रही है। 

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