- जिले के 395 में से 45 गांवों को स्वास्थ्य विभाग ने किया था चयनित, राज्य का प्रतिनिधिमंडल ग्राम पंचायतों का करेगा दौरा
अनुज शर्मा
करनाल। जिलेभर की टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों पर 29 फरवरी को मुहर लगेगी। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल करनाल पहुंचेगा। जो जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से चयनित 45 ग्राम पंचायतों का दौरा करेगा और टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की अंतरिम रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगा। जिसमें चयनित ग्राम पंचायतों को 24 मार्च यानी विश्व टीबी दिवस पर जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मुक्त भारत के तहत करीब एक माह पहले जिले की 395 में से 45 ऐसी ग्राम पंचायतों का चयन किया है। जिनमें टीबी रोगियों की संख्या या तो शून्य है या फिर उनमें सिर्फ एक मरीज है और उसका भी इलाज चल रहा हो। वर्ष 2023 के टीबी के ओवरऑल सफल बिंदुओं में करनाल जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।- संवाद
टीबी मुक्त ग्राम पंचायत चयन के छह नियम
एक हजार जनसंख्या पर कम से कम 30 सैंपल, गांव में एक हजार जनसंख्या पर टीबी के मरीजों की संख्या शून्य हो या फिर एक मरीज हो, गांव में मिले टीबी के मरीजों का ट्रीटमेंट रेट 100 फीसदी हो, पूर्व में आए कुल टीबी मरीजों में से 62 प्रतिशत का सीबीनॉट टेस्ट करवाया गया हो, टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह दिए गए हों व टीबी मरीजों को पोषण स्पोर्ट किट दी गई हो।
विभाग द्वारा घोषित टीबी मुक्त गांव
ब्लॉक कुल गांव टीबी मुक्त
इंद्री 77 10
नीलोखेड़ी 76 09
असंध 44 08
घरौंडा 46 06
निसिंग 23 06
कुंजपुरा 33 04
मूनक 29 01
चिड़ाव 22 01
करनाल 45 00
जिलेभर की 395 ग्राम पंचायतों में से स्वास्थ्य विभाग की ओर से 45 गांवों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत की श्रेणी में रखा गया है। इसको लेकर अब राज्य का एक प्रतिनिधिमंडल सत्यापन के लिए गांव-गांव जाकर निरीक्षण करेगा। जिनके द्वारा चयनित ग्राम पंचायतों को जिला स्तर पर विश्व टीबी दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. सिम्मी कपूर, उप-सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी, (टीबी) करनाल