माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दो दिन पहले ही जिले की एक खरपतवारनाशक दवा बनाने वाली इकाई पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने छापा मारा था, जिसकी रिपोर्ट तो अभी आई नहीं, लेकिन 2019 के एक ऐसे ही मामले में न्यायालय ने नमूने फेल होने पर कीटनाशक निर्माता फर्म कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड रानीपेट तमिलनाडु व पारिजात इंडस्ट्रीज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर कैलाश नई दिल्ली पर 40-40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड फर्म का कीटनाशक अमोनियम साल्ट ऑफ ग्लाईफोसेट 71 प्रतिशत एसजी जोकि घास को नष्ट करने के लिए प्रयोग होती है। वह परिजात इंडस्ट्रीज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड का कीटनाशक पीरोक्सोफोप प्रोपिनल 15 प्रतिशत डब्ल्यूपी जोकि गेहूं की फसल में मंडूसी को खत्म करने के लिए प्रयोग की जाती है, के नमूने 30 दिसंबर 2019 को पंकज ट्रेडिंग कंपनी मेन रोड व अश्विनी मटक माजरी से सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी द्वारा लिए गए थे।
गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला रोहतक द्वारा 21 जनवरी 2020 को जांच की थी, जिसमें दोनों नमूने अमानक पाए गए थे। महा निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पंचकूला द्वारा 24 अगस्त 2020 को अनुमति मिलने के उपरांत दोनों निर्माता कंपनी के विरुद्ध न्यायालय में केस दायर किया गया था। अब करनाल न्यायालय ने दोनों फर्मो पर गुणदोष के आधार पर अपना निर्णय सुनाया है।