- विधायक के सामने कई गांवों के किसानों ने चीनी मिल के बांड सर्वे पर उठाए सवाल
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। चीनी मिल की ओर से कराए जा रहे गन्ने के सर्वे को लेकर विधायक हरविंद्र कल्याण के सामने किसानों ने नाराजगी जाहिर की। किसानों ने कहा कि सहकारी चीनी मिल की क्षमतावृद्धि होने के बावजूद क्षेत्रीय किसानों को अपना गन्ना दूसरी मिलों को बेचना पड़ रहा है। चीनी मिल में उत्तर प्रदेश के कई गांवों को जोड़ दिया गया है, जिनका गन्ना खरीदा जा रहा है। इस मामले में विधायक ने चीनी मिल अधिकारियों से जानकारी मांगी है।
कुंजपुरा व करनाल ब्लॉक क्षेत्र के यमुना के सीमावर्ती सात गांवों के गन्ना किसान गांव ख़ैराजपुर में पूर्व सरपंच कुलविंदर सिंह के निवास पर इकट्ठे हुए। बुलाने पर यहां घरौंडा विधायक हरविंद्र कल्याण भी पहुंचे। किसानों ने कहा कि हरियाणा सरकार ने करनाल चीनी मिल का नवीनीकरण किया। इसकी पेराई क्षमता बढ़ाई लेकिन बावजूद इसके क्षेत्रीय किसानों को अपना गन्ना दूसरी मिलों में लेकर जाना पड़ा है। चीनी मिल की ओर से किए जाने वाले सर्वे की ख़ामियों को जब तक दूर नहीं किया जाएगा, तब तक करोड़ों रुपये व्यय करके क्षमतावृद्धि का पूरा लाभ क्षेत्रीय किसानों को मिलना संभव नहीं है।
चीनी मिल ने क्षेत्र में गन्ना बताकर यूपी के गांवों को करनाल शुगर मिल के साथ जोड़ दिया है, जो ठीक नहीं है। यूपी से आने वाले गन्ने की आड़ में वहां के व्यापारी भी सस्ता गन्ना ख़रीद कर करनाल मिल में बेचते हैं। विधायक ने किसानों की पूरी बात सुन अधिकारियों से बात की। उन्होंने इस मामले में विस्तार से जानकारी देने को कहा। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि पूरी प्रक्रिया का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा। जल्दी ही अधिकारियों के साथ बैठक करके ख़ामियों को दूर कराया जाएगा।