- केवल छोटी सड़कें और एसटीपी बने, पुराना नगर निगम कार्यालय स्थल पर मल्टी स्टोरी भवन और पार्किंग की परियोजना भी अटकी
गगन तलवार
करनाल। वर्ष 2023 की शुरुआत में शहर को सुंदर, स्मार्ट और आधुनिक बनाने का सपना तो प्रशासन ने दिखाया था, लेकिन वर्ष बीतने को है और यह सपना अभी तक सपना ही बना हुआ है। शहर को जाम मुक्त करने के लिए टी-फ्लाईओवर, रिंग रोड और पश्चिमी बाईपास चरण-2 जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर काम पूरा नहीं हुआ।
स्मार्ट सिटी के तहत रेलवे रोड और बस स्टैंड रोड पर बनने वाला टी-फ्लाईओवर प्रोजेक्ट केवल निविदाएं लगाने और सर्वे तक ही सीमित है। बजट कम होने के कारण कोई निर्माण एजेंसी आगे नहीं आ रही है। इसी तरह रिंग रोड परियोजना केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा उद्घाटन तक ही सीमित रही। इस परियोजना पर काम भी उस तेजी से आगे नहीं बढ़ पाया, जिस तेजी से बढ़ने की उम्मीद थी।
वहीं पश्चिमी यमुना बाईपास चरण-2 का काम भी निर्धारित अवधि से 10 माह देरी से चल रहा है। अभी तीन माह और देरी के बाद इसके पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा पुराना नगर निगम कार्यालय स्थल पर मल्टी स्टोरी भवन और पार्किंग बनाने की परियोजना भी कागजों में अटकी है। पिछले तीन वर्ष से यह जगह खाली है। यहां दुकानें भी बनाने की योजना भी इस वर्ष में सिरे नहीं चढ़ पाई। हालांकि स्मार्ट सिटी के तहत केवल छोटी सड़कें और एसटीपी बनाने का कार्य ही हुआ। इससे लोगों को गड्ढों से निजात मिली। वहीं एसटीपी बनने से कुछ जगह सीवरेज के उपचारित पानी को भी सिंचाई आदि कार्यों में इस्तेमाल किया जाने लगा है। ब्यूरो
तार भूमिगत हुए, न मीटर हुए स्मार्ट
पूरे शहर में स्मार्ट सिटी के तहत 25 हजार एलईडी लाइटें लगाने का कार्य भी अभी तक अधूरा है। इसके अलावा पूरे जिले के मीटर स्मार्ट करने की योजना भी लंबित है। नए 20 सब स्टेशन का निर्माण होना था, इनमें से सात ही पूरे हो पाए हैं। इसके अलावा शहर के प्रमुख मार्गों की तार को भूमिगत किया जाना है। यह कार्य भी अभी तक शुरू नहीं हो पाया। गलत टेंडर होने के कारण कार्य अधर में है।
मुख्य कार्यों की स्थिति
- आवर्धन नहर की क्षमता बढ़ए जाने का काम पूरा नहीं हुआ।
- आईटीआई चौक पर गुरुग्राम की तर्ज पर आधुनिक विश्राम गृह नहीं बन पाया।
- डोर टू डोर कचरा उठान एवं प्रबंधन पर नई योजना के तहत काम शुरू नहीं हुआ।
- महिला आश्रम स्थल और पुरानी सब्जी मंडी पर मल्टी स्टोरी भवन और पार्किंग बनने का काम अधर में है।
ये चार कार्य पूरे
- डॉ. मंगलसेन सभागार और राजकीय पीजी कॉलेज में बहुउद्देशीय हॉल बना
- अटल पार्क, कर्ण पार्क और कर्ण ताल सहित शहर की 40 से ज्यादा पार्कों और ग्रीन बेल्ट का सुंदरीकरण हुआ।
- शुगर मिल का नया प्लांट, नई सब्जी और अनाज मंडी मिली।
- शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर महापुरुषों के नाम पर प्रवेश द्वार स्थापित हुए।
नगर निगम यह कार्य ही कर पाया
- सीवरेज : अमरूत परियोजना के तहत सीवर नेटवर्क के कार्य करवाए गए हैं। कंबोपुरा में 8 एमएलडी एसटीपी बना। दहा गांव में इंटरमिडिएट पम्पिंग स्टेशन (आईपीएस) बना। गांव दहा, मदनपुर, अशोक विहार व कंबोपुरा में 24 किलोमीटर सीवर लाइन डाली।
- सड़क : इंद्री रोड से बलड़ी गांव को जाने वाली सड़क, कुंजपुरा रोड से सामुदायिक केंद्र सेक्टर-9 तक की सड़क का निर्माण हुआ।
- पार्क : वार्ड नंबर-3, 10 व 19 में तीन नए पार्कों का निर्माण हुआ। निगम क्षेत्र में कुल 179 पार्क में से 17 पार्कों का रख-रखाव एवं संचालन निगम अपने स्तर पर कर रहा है। वार्ड नंबर-1, 3, 9, 10 व 12 की आरडब्ल्यूए को दिया है। शेष 142 पार्कों का रख-रखाव एवं संचालन निजी एजेंसियां कर रही हैं।
- पार्किंग : सेक्टर-6, 7, 8, 9 व 14 की मार्केट के पार्किंग क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण हुआ।