करनाल। जलवायु परिवर्तन एवं उसका प्रबंधन विषय पर आईसीएआर-केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान में शुक्रवार को एक व्याख्यान का आयोजन हुआ। इसमें आईसीएआर के पूर्व डीडीजी (एनआरएम) डॉ. जेएस सामरा ने जलवायु परिवर्तन के विभिन्न आयामों को विस्तार से बताया। उन्होंने बढ़ती गर्मी की लहरों, अत्यधिक वर्षा, शीतलहरों, बाढ़, भूस्खलन व वनाग्नि जैसी आपदाओं के कृषि फसलों, मानव जीवन व पशुधन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि उत्पादकता, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका पर गंभीर खतरे उत्पन्न हो रहे हैं। डॉ. सामरा ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रबंधन व अनुकूलन उपायों पर भी उपयोगी सुझाव दिए। संस्थान के निदेशक डॉ. आरके यादव, पूर्व निदेशक डॉ. पीसी शर्मा, एएसआरबी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. गुरबचन सिंह, पशु विज्ञान के पूर्व डीडीजी डाॅ. मदान, डॉ. जेसी डागर, डाॅ. पीएस मिन्हास आदि माैजूद रहे। ब्यूरो