करनाल। राजकीय स्कूलों में एस्ट्रोनॉमी लैब तैयार होगी। इससे जहां बच्चों को सौरमंडल और अंतरिक्ष के बारे में जानकारी मिलेगी, वहीं विज्ञान के प्रति रुचि भी बढ़ेगी। लैब में एक टेलीस्कोप भी होगा। ताकि विद्यार्थी अंतरिक्ष में ग्रहों की स्थिति और सौर मंडल की अन्य गतिविधियों को भी देख सकें। इसके लिए जिले के 12 स्कूलों का चयन किया गया है। शिक्षा विभाग की ओर से बनाई जाने वाली इन लैब को यजुर्वेदशाला का नाम दिया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, आमतौर पर विशेषकर सरकारी स्कूली बच्चे सामान्य पाठ्यक्रम तक ही सीमित रह जाते हैं। ऐसे बच्चों की संख्या नाममात्र है, जो ऐसे स्कूलों में शिक्षा हासिल कर रहे हों, जहां पर स्पेस साइंस से संबंधित उच्च स्तर की शिक्षा हासिल हो। इसलिए सरकार की ओर से इस तरह की लैब स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
बच्चों के मन में ब्रह्मांड को लेकर कई सवाल होते हैं, अब इन सवालों का जवाब एस्ट्रोनॉमी लैब में मिलेंगे। लैब में 25 वर्किंग मॉडल होंगे। इनमें चंद्र व सूर्यग्रहण, सौर मंडल, कान्स्टलेशन एवं जोडियक साइन, स्फेयर आदि मॉडल्स शामिल होंगे। जिससे बच्चे ये जान सकेंगे कि आसमान का रंग नीला क्यों होता है। तारे क्यों चमकते हैं। चांद और सूरज कहां छिप जाते हैं या फिर रात के समय आसमान काला क्यों हो जाता है। वहीं कंप्यूटर के माध्यम से खगोल विज्ञान से संबंधित साॅफ्टवेयरों के उपयोग को भी समझाया जाएगा।
लैब स्थापित करने के उद्देश्य
- छात्रों के अंदर अंतरिक्ष के व्यावहारिक ज्ञान के जरिए उत्सुकता जागृत करना।
- छोटी उम्र से ही सभी बच्चों में साइंटिफिक टेम्पर विकसित करना।
- टेलीस्कोप के माध्यम से सौर मंडल के अन्य ग्रहों को पास से देखना और उनके चित्र कैमरे में कैद करना।
इस खंड के इन स्कूलों में बनेंगी लैब
खंड : स्कूल
असंध : जीएमएसएसएसएस पाढ़ा और जीएसएसएस अरडाना
घरौंडा : जीएमएसएसएसएस और जीजीएसएसएस घरौंडा
इंद्री : जीएसएसएस भादसों और जीएमएसएसएसएस बयाना
करनाल : जीएमएसएसएसएस मॉडल टाउन और जीजीएमएसएसएसएस रेलवे रोड
नीलोखेड़ी : जीएमएसएसएसएस तरावड़ी और जीएमएसएसएसएस निगदू
निसिंग : जीएमएसएसएसएस निसिंग और जीजीएसएसएस जुंडला
आईआईटी इंदौर से आ रहा सामान
राजकीय स्कूल में हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से एस्ट्रोनॉमील लैब बनाई जाएगी। इसके लिए प्रत्येक खंड से दो स्कूलों का चयन किया गया है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सामान्य घरों के बच्चे भी स्पेश साइंस की जानकारी प्रेक्टिकल के तौर पर ले सकेंगे। आईआईटी इंदौर से लैब का सामान आ रहा है।
- चंद्रमोहन, एपीसी, समग्र शिक्षा।