रामलीला मैदान में सांग का मंचन करते कलाकार। संवाद
करनाल। रामलीला भवन में श्री सनातन धर्म मंदिर सभा की ओर से आयोजित सांग में राजा वीर विक्रमजीत खांडे राव परी का मंचन किया गया। सांगी सतपाल कश्यप और उनकी टीम ने बताया कि हंसों के मुख से इंद्र के खिलाफ कोई शब्द निकल जाता है तो इंद्र उन्हें 10 वर्ष का दसोटा, वनवास दे देता है। सभी हंस उज्जैन के राजा वीर विक्रमजीत की शरण में जाते हैं और रागिनी से गुहार लगाते हैं कि शहर में ठहरालिए क्षत्री नाटीये मत नै, दुख दरदां की बूझ लिए कदे डांटये मत नै, बैरां नी कै लिख राखी किस्मत फूटी म्हारी मैं। राजा की तारीफ करने पर इंद्र ने एक हंसनी को कैद कर लिया। यह बात सुन राजा इंद्र से हंसनी को छुड़ाने चल देता है। इसी दौरान राजा की मुलाकात इंद्र के अखाड़े से पृथ्वी लोक पर घुमने आई खांडे राव परी से होती है। मंदिर सभा के प्रधान रमेश जिंदल, महासचिव गौरव गर्ग, उप प्रधान राजन गर्ग, प्रभात गुप्ता, सह कोषाध्यक्ष संजय गोयल आदि मौजूद रहे। संवाद