संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सामाजिक चिकित्सक महासंघ की ओर से जिला सचिवालय के सामने दिया जा रहा धरना बुधवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव वीरेंद्र राठौर चिकित्सकों को समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मेडिकल प्रेक्टिशनर्स के साथ अन्याय किया है। उनका पंजीकरण कर प्राथमिक चिकित्सा की अनुमति देने की बजाए, सीएम उड़नदस्ते से छापा डलवाकर कर उन्हें बदनाम किया जा रहा है। कांग्रेस चिकित्सकों के संघर्ष में उनके साथ खड़ी है।
प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. सुरेश शर्मा ने कहा कि सरकार मेडिकल प्रेक्टिशनर्स की अनदेखी कर रही है। अगर सरकार ने जल्द सुनवाई नहीं की तो चिकित्सक अपने परिवारों के साथ धरने पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में मेडिकल प्रेक्टिशनर्स सरकार से मांग कर रहे हैं कि कर्मकार विधेयक में संशोधन करके सभी चिकित्सकों को बिना भेदभाव के प्राथमिक उपचार करने की अनुमति दी जाए और मामले की जांच करते समय चिकित्सक को भी नोटिस देकर उसका पक्ष सुना जाए। उन्होंने बड़े अस्पतालों में बिना डिप्लोमा के कार्य कर रहे लोगों पर रोक लगाने की मांग भी की है। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. सुरेश शर्मा ने रामफल को उपप्रधान करनाल नियुक्त किया। डाॅ. मनफूल को करनाल सह सचिव की जिम्मेवारी दी गई। वहीं राज्य कार्यकारिणी में डाॅ. राज पौड़िया व रामदास मुंडे शामिल किया गया है। पांचवें दिन समालखा से चिकित्सक धरना स्थल पर पहुंचे। जिनमें पानीपत प्रधान डाॅ. रमेश, राकेश राकसेदा, डाॅ. जयराम, डाॅ. नरेंद्र, डाॅ. अजमेर, डाॅ. अनिल, डाॅ. मनोज, डाॅ. सलीम, डाॅ. विकास व डाॅ. प्रदीप पाल मौजूद रहे।