भारतीय गेहूं एवं जाै अनुसंधान संस्थान ने रोटरी डिस्क ड्रिल का पेटेंट कराने के लिए आवेदन कर दिया है। जल्द यह प्राप्त भी हो जाएगा। इसके व्यावसायिक उपयोग के लिए तैयारी की जा रही है। जिससे रोटरी डिस्क ड्रिल मशीन का लाभ किसानों को उपलब्ध कराया जा सके।
रोटरी डिस्क ड्रिल का वजन हैप्पी सीटर या रोटावेटर से काफी कम है। हल्की मशीन होने की वजह से इसे कम हाॅर्स पावर के ट्रैक्टर में लगाया जा सकता है। इसके लिए 30 से 35 हाॅर्स पावर का ही ट्रैक्टर चाहिए जबकि हैप्पी सीटर या रोटावेटर में 60 हॉर्स पावर के ट्रैक्टर की जरूरत पड़ती है।
फसल अवशेष खेत में छोड़ने के ये लाभ
1. खरपतवार नहीं होगी
2. पानी की आवश्यकता कम होगी
3. मिट्टी में मिलने से पोषक तत्व रहेंगे
4. जैव पदार्थ बढ़ जाएंगे
5. फसल अवशेष प्रबंध होगा
रोटरी डिस्क ड्रिल के ब्लेड ऑटो शार्पन (स्वत: धार लेने वाले) हैं। इन्हें अलग से धार लगाने की जरूरत नहीं होती है। इसकी कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये रखी गई है। यह अपने तरह की पहली मशीन है। इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया गया है और व्यावसायिक उपयोग के लिए जल्द एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। - डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, निदेशक, भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल।