इस साल शरद पूर्णिमा 13 अक्टूबर रविवार को है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस शरद पूर्णिमा पर 30 साल बाद दुर्लभ योग बन रहा है। यह शुभ योग चंद्रमा और मंगल के आपस में दृष्टि संबंध होने से बन रहा है। इस योग को महालक्ष्मी योग भी कहा जाता है। शरद पूर्णिमा पर शुभ योग के बनने से इस पूर्णिमा का महत्व और अधिक बढ़ जाएगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित राजेंद्र शास्त्री ने बताया कि शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस रात्रि पर मां लक्ष्मी पृथ्वी का भ्रमण करती हैं। इस वर्ष महायोग बनने के कारण शरद पूर्णिमा पर महालक्ष्मी की पूजा करने का फल अधिक मिलेगा। इस साल शरद पूर्णिमा पर स्वास्थ्य के साथ आर्थिक स्थिति में भी सुधार होने के योग बन रहे हैं।
चंद्रमा-मंगल ग्रह आमने-सामने
शरद पूर्णिमा पर मीन राशि में चंद्रमा और कन्या राशि में मंगल रहेगा। इस तरह दोनों ग्रह एक दूसरे के बिलकुल आमने-सामने रहेंगे। वही हस्त नक्षत्र में भी मंगल रहेगा जो कि चंद्रमा के स्वामित्व वाला नक्षत्र है। इससे पहले ग्रहों की ऐसी स्थिति 30 साल पहले बनी थी। चंद्रमा पर बृहस्पति की दृष्टि पड़ने से गजकेसरी नाम का एक और शुभ योग बन रहा है।
नये काम कर सकते हैं शुरू
इस वर्ष महायोग बनने से शरद पूर्णिमा पर खरीदारी और नये काम शुरू करना शुभ रहेगा। इस शुभ संयोग में धन लाभ होने की संभावना और बढ़ जाएगी। इस दिन किए काम लंबे समय तक फायदा देने वाले रहेंगे।