- एमएचयू के वैज्ञानिक कर रहे शोध, किसानों की कार्यशाला में कुलपति ने दी जानकारी
- मृदा स्वास्थ्य एवं पर्यावरणी संतुलन के सतत उपाय विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए अब तक केवल मिट्टी की जांच कराई जाती थी लेकिन आने वाले समय में किसान मिट्टी के अलावा मिट्टी के सूक्ष्म जीवों की भी जांच करा सकेंगे। इसे लेकर वैज्ञानिकों की ओर से शोध किया जा रहा है। शोध पूरा होने के साथ ही तकनीक इजाद की जाएगी।
यह जानकारी महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेश कुमार मल्होत्रा ने दी। विश्वविद्यालय में अनुसंधान निदेशालय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (नई दिल्ली) की ओर से प्रायोजित हरियाणा के मध्य गंगा मैदान क्षेत्र में मृदा स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय संतुलन के सतत उपाय विषय को लेकर मंगलवार को कार्यशाला का आयोजन हुआ। साथ ही दो दिवसीय किसान संवाद एवं प्रदर्शनी का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जिलों से आए करीब 60 किसानों ने भाग लिया। कुलपति डॉ. सुरेश कुमार मल्होत्रा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जबकि अनुसंधान निदेशक डॉ. रमेश गोयल व कार्यशाला संयोजिका डॉ. बिमला रही।
कुलपति डॉ. सुरेश कुमार मल्होत्रा ने किसानों से कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग करने के लिए पर्यावरणीय संतुलन के लिए कई बातों पर ध्यान देने की जरूरत है। प्राकृतिक संसाधनों को किस प्रकार सुरक्षित रखें, इन सबके लिए जागरूकता लाने की जरूरत है। किसानों की आय बढ़े, फसलों पर लागत कम करें, प्राकृतिक संसाधनों का समुचित प्रयोग हो, गुणवत्ता में सुधार आए। कम पानी की जरूरत वाली फसलों का प्रयोग करें।
मिट्टी जांच का मॉडल हरियाणा से हुआ शुरू
कुलपति डॉ. सुरेश कुमार मल्होत्रा ने कहा कि मिट्टी जांच का मॉडल हरियाणा से शुरू हुआ, जिसे दूसरे कई राज्यों ने अपनाया। 2015 में प्रधानमंत्री ने मिट्टी जांच के लिए मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड की शुरुआत की, जिससे किसानों को अपने खेत की मिट्टी के स्वास्थ्य के बारे में हर जानकारी हो। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर ही किसान भूमि की उपजाऊ शक्ति को कैसे बनाएं रखें, उपाय कर सकता है। 2047 यानी आजादी के 100 साल बाद भारत कैसा होगा, इसी परिकल्पना के पीछे का उददेश्य है कि ग्लोबल फूड पावर हाउस के तौर पर उभरे अर्थात भारत अपने साथ-साथ विश्व की भोजन की जरूरतों को पूरा करे और पूरी दुनिया भारत की ओर देखे।