कुछ सुझावों को शामिल करने की जरूरत के साथ स्मार्ट सिटी प्रपोजल का प्रारूप शुक्रवार को विकास सदन में उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ की अध्यक्षता में आयोजित जिला टास्क फोर्स की मीटिंग में पास हो गया। अगले सप्ताह इसे मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली स्टेट लेवल हाई पावर कमेटी में रखा जाएगा। साथ ही इसे हाउस की बैठक में भी पास कराया जाएगा। प्रपोजल में एबीडी के लिए 720 एकड़ जगह तथा करीब 1200 करोड़ के प्रोजेक्ट को शामिल किया गया है। इसी प्रकार, पैन सिटी के कंपोनेंट में सुशासन व आईटी सेवाओं को आधुनिक बनाकर उनसे नागरिक सहूलियतों को जोड़ने की बात शामिल की गई है। बैठक में नगर निगम के आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया, अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी के अतिरिक्त जिला के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। क्रिसिल कंपनी की टीम द्वारा तैयार की गई एक प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रपोजल दिखाई गई। इसे और बेहतर बनाने के लिए उपायुक्त की ओर से उपस्थित अधिकारियों से सुझाव भी मांगे गए। उपायुक्त ने कहा कि स्मार्ट सिटी का जो प्रारूप बनाया गया है, बेशक उसमें हर नजरिए से सभी जरूरी चीजों को शामिल किया गया है, लेकिन स्मार्ट सिटी की परीक्षा में पास होने के बाद सिटी के विजन को लेकर बदलाव नजर आना चाहिए। इसके क्रियान्वयन के बाद शहर का नक्शा तीन साल के बाद क्या होगा, पांच साल के बाद कैसा होगा और इससे आगे के वर्षों में किस तरह का हो जाएगा, इस पर गौर करने की जरूरत है। प्रपोजल में रचनात्मक बदलाव के अधिक से अधिक सुझाव निहित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके इंप्लीमेंटेशन से ऐसा हो कि युवाओं को रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिलें। मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर में वृद्धि हो, खेल व कौशल विकास के केंद्र खुलने चाहिए। करनाल की औद्योगिक कृषि व अनुसंधान संस्थानों की उपलब्धियों में ओर ज्यादा इजाफा हो, जिससे स्मार्ट करनाल का नाम देश-विदेश में जाना जाए। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी और इससे जुड़ी सुविधाओं का विकास हो। इसके साथ-साथ उन्होंने करनाल में स्थित हवाई पट्टी, जिसका भविष्य में विस्तार हो सकता है, को भी प्रपोजल में शामिल करने बारे कहा। नगर निगम के आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने इस अवसर पर बताया कि स्मार्ट सिटी प्रपोजल में एबीडी यानी एरिया बेस्ड डेवलपमेंट और पैन सिटी जैसे कम्पोनैंटस में शहर के लिए बहुआयामी प्रोजेक्ट जोड़े गए हैं। इसमें वाटर सैनिटेशन, ट्रांसपोर्ट, सोलिड वेस्ट, उर्जा तथा प्रशासकीय कार्यकुशलता शामिल हैं। हमें उम्मीद है कि इस पर बार करनाल प्रतियोगिता में जरूर विजयी होगा। गौरतलब है कि 31 मार्च से पहले इसे केंद्र सरकार के पास जमा कराया जाना है।