करनाल। सर्व कर्मचारी संघ अब क्षेत्रीय विधायकों को ज्ञापन देकर उनसे कर्मचारियों की मांगों पर उनकी स्पष्ट राय जानेगा। इसके बाद संघ छोटी सरकार यानी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और सरपंचों से भी कर्मचारी अपने आंदोलन के लिए समर्थन मांगेंगे। ये निर्णय सोमवार को नेहरू पैलेस स्थित जनस्वास्थ्य विभाग स्थित कार्यालय में जिला कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। इसमें नौ और 10 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे के महापड़ाव करने का भी एलान किया गया।
जिला प्रधान सुशील गुर्जर सिरसी की अध्यक्षता व जिला सचिव सेवा राम बड़सर के संचालन में हुई बैठक में संघ के राज्य उपप्रधान जरनैल सिंह ने आंदोलन की नई रूपरेखा का एलान किया। जिला प्रधान ने कर्मचारियों की मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि कर्मचारियों की मुख्य मांगों में तमाम विभागों के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करवाना,एनपीएस को रद्द करवाकर ओपीएस लागू करवाना,विभागों का हर तरह से निजीकरण रुकवाना,साथ ही तमाम विभागों में खाली पड़े तमाम पदों पर नियम से नियमित भर्ती करवाना,करोना काल का अठारह प्रतिशत बकाया एरियर लेना,नियमानुसार मकान किराया भत्ता 10-20-30 करवाना, प्रमोशन में टैस्ट की शर्त को हटवाने के साथ-साथ हरियाणा कौशल रोजगार निगम भंग करवाना शामिल है। जिला सचिव सेवा राम बड़सर ने कहा कि सर्वकर्मचारी संघ ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर नौ और 10 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे के महापड़ाव में शामिल होगा।
बैठक में जिला उपप्रधान राजपाल बसताड़ा, जिला उपप्रधान सरोज रानी, जिला वित्त सचिव ऋषिपाल, खंड प्रधान करनाल भाग सिंह, खंड सचिव करनाल राजकुमार सिंह, जिला प्रेस प्रवक्ता कृष्ण कुमार निर्माण सहित सभी संघ छह खंडों व जुड़ी यूनियनों के प्रधान, सचिव व राज्य पदाधिकारी शामिल रहे।