माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कम गुणवत्ता की खाद्य सामग्री बेचकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर अतिरिक्त जिलाधीश की अदालत ने जुर्माना लगाया है। खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट आने पर केस कोर्ट में पहुंचा, जहां से 20 जनवरी से 13 मार्च तक 15 व्यापारियों के 25 मामलों में फैसला देकर 6.07 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
यह सभी 25 मामले वर्ष 2022 के हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से की गई कार्रवाई में नौ मामलों में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता भी शामिल रहा। इस वर्ष के पहले तीन महीनों में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से 80 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें से चार मामले कोर्ट में भी पहुंच चुके हैं, जिन पर फैसला आना बाकी है। पिछले वर्ष के इन सभी मामलों में व्यापारियों की ओर से खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट को कोर्ट में कोई चुनौती भी नहीं दी गई है।
- इन मामलों में लगाया जुर्माना
1. पूसगढ़ स्थित डेयरी मिल्क फूड से 14 मार्च 2022 को लिया गया सपरेटा दही के सैंपल में फैट 3.06 प्रतिशत मिला जबकि यह अधिकतम 0.5 प्रतिशत होना चाहिए। इन पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगा है। यहीं से लिए गए कूल टाइम आइसक्रीम के सैंपल में मिल्क सॉलिड 33.58 प्रतिशत मिला जो न्यूनतम 36 प्रतिशत होना चाहिए। इस पर भी 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
2. राम नगर स्थित जैन टीआरजी कंपनी से 12 अप्रैल 2022 को लिया गया विधान कुकिंग ऑयल के सैंपल में एसिड वैल्यू 1.69 प्रतिशत पाई गई जबकि यह अधिकतम 0.6 प्रतिशत ही हो सकती है। इसके साथ ही सपोनाफाइबल मैटर 4.69 प्रतिशत मिला जो अधिकतम 4.5 प्रतिशत ही होना चाहिए, इस पर भी 30000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। यहीं से कलसी कुकिंग ऑयल का सैंपल किया गया, जिसमें एसिड वैल्यू 1.791 पाई गई जो महज 0.6 होनी चाहिए थी। उत्पादक का पता, एफएसएसअई का लोगो भी नहीं था। 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
3. नमस्ते चौक स्थित ओमंग होटल से 30 अप्रैल 2022 को लिए गए दही के सैंपल में मिल्क फैट सिर्फ 0.27 मिला, जबकि यह कम से कम 4.5 प्रतिशत होना चाहिए। इसमें 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
4. नीलोखेड़ी स्थित ऑर्गेनिक फ्रेश फार्म में सात अक्तूबर को शाही पान खजूर और आंवला मुरब्बा का सैंपल लिया गया। इनमें एक्सपाइरी डेट, बैच नंबर, एफएसएसआई लोगो एवं अन्य जानकारी नहीं थी। इन पर दोनों ही मामलों में 30-30 हजार कर कुल 60 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
5. मेरठ रोड पर नगला स्थित गुड रिच कंपनी से लिए गए मिक्स मिल्क के सैंपल में 8.21 प्रतिशत मिल्क सॉलिड मिला, जो 8.5 प्रतिशत होना चाहिए। मिल्क फैट 2.75 मिला जो कम से कम 4.5 प्रतिशत होना चाहिए। 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी कंपनी से 24 फरवरी 2022 को गुड रिच डेयरी क्रीम का सैंपल लिया गया, जिसमें स्टार्च पाया गया, जोकि नहीं होना चाहिए। 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यहीं से लिए गए मक्खन के सैंपल में केन शुगर पाया गया, जो नहीं होना चाहिए, इस मामले में 30 हजार रुपये का जुर्माना लगा गया।
6. घंटा घर स्थित गुरु कृपा छोले भटूरे से 17 मई 2022 को लिए गए हरी चटनी की सैंपल में 3.54 प्रतिशत सॉल्युबल सॉलिड मिला, जबकि यह कम से कम 15 प्रतिशत होना चाहिए था, इन पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
7. जीटी रोड स्थित मयूर ढाबे से 14 जुलाई 2022 को लिए गए बटर के सैंपल में 38.78 प्रतिशत नमी मिली, जबकि अधिकतम नमी 16 प्रतिशत हो सकती है। इनमें 60.20 प्रतिशत फैट था, जबकि कम से कम 80 प्रतिशत होना चाहिए। इसका बोदुआं टेस्ट पॉजिटिव मिला, जोकि निगेटिव होना चाहिए। इन पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया
8. रेलवे रोड स्थित न्यू अमर डेयरी से 23 जून को लो फैट क्रीम का सैंपल लिया गया, जिनमें 67.6 प्रतिशत फैट पाया गया, जबकि अधिकतम 40 प्रतिशत ही फैट हो सकता है। 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी डेयरी से लिए घी के सैंपल का बोदुआं सैंपल भी पॉजिटिव आया, जो नेगेटिव होना चाहिए। मिक्स मिल्क के सैंपल में मिल्क सॉलिड 6.88 प्रतिशत मिला, जबकि यह कम से कम 8.5 प्रतिशत होना चाहिए। 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यहीं से लिया गया खोया के सैंपल में 26.99 प्रतिशत फैट मिला, जबकि यह कम से कम 30 प्रतिशत होना चाहिए था। जिस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
9. गुड़ मंडी स्थित ठाकुर दास एवं सन्स से छह जून को जांच के दौरान गंदगी पाई गई। जिसपर नोटिस दिया गया और उसका जवाब नहीं दिया गया। जिस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
10. रेलवे रोड स्थित जनता डेयरी से 24 जून 2022 को लिए गए लो फैट क्रीम के सैंपल में 61.7 प्रतिशत फैट पाया गया, जबकि यह सिर्फ 40 प्रतिशत ही होना चाहिए। इन पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यहीं से लिए गए गाय के दूध के सैंपल में मिल्क सॉलिड 7.56 प्रतिशत पाया गया, जो कम से कम 8.3 प्रतिशत होना चाहिए था, 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
11 सालवान चौक स्थित मोहन स्वीट्स पर छह अक्तूबर 2022 को लिए गए पेठा के सैंपल की पैकिंग में मैन्यूफैक्चरिंग डेट, बैच नंबर आदि की जानकारी नहीं थी, 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
12. कुंजपुरा रोड स्थित शहजिद के पास से चार मार्च 2022 लिए गए मिक्स मिल्क के सैंपल में मिल्क सॉलिड 8.355 प्रतिशत पाया गया, जो कम से कम 8.5 होना चाहिए। इस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
13. भीम नगर स्थित अमर ट्रेडिंग कंपनी से 23 जून 2022 को लिए गए गाय के दूध के सैंपल में 8.14 प्रतिशत मिल्क सॉलिड पाया गया जो महज 8.3 होना चाहिए था। 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यहीं से लिए गए पनीर का सैंपल में 47.09 प्रतिशत मिल्क फैट पाया गया जो 50 प्रतिशत होना चाहिए था। 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
14. बड़ागांव स्थित आरपीपीए नूडल्स प्राइवेट लिमिटेड से 11 मई 2022 को लिए सैंपल के पैकेट में मैन्यूफैक्चरिंग डेट के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां बड़े अक्षरों में नहीं खिली थीं। इन पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
15. नगला स्थित मिष्ठी फूड से छह जून 2022 को लिए गए दूध के सैंपल में मिल्क साॅलिड 7.89 प्रतिशत मिला, जो 8.3 प्रतिशत होना चाहिए था। इन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई जारी है। इस वर्ष अब तक 80 सैंपल लेकर जांच के लिए और भेजे गए हैं। चार केस कोर्ट में भी पहुंच गए हैं, बाकी को भी कोई में लेकर जाएंगे। यह कार्रवाई निरंतर चलती रहेगी।
- संदीप कादियान, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी