निसिंग डाचर गांव के नैना देवी मंदिर में आयोजित कथा में प्रवचन करते सुखदेव महाराज। संवाद
निसिंग। गांव डाचर के नैना देवी मंदिर स्थित दक्षेश्वर तीर्थ पर चल रही राम कथा में प्रवचन करते हुए सुखदेव महाराज ने कहा कि श्रीराम का जन्म असुरों का सहार करने व मर्यादा स्थापित करने के लिए हुआ था। पिता के वचनों का पालन करते हुए श्रीराम ने अयोध्या का राजपाट त्याग कर 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। वनवास के दौरान उन्होंने ऋषि-मुनियों को दर्शन दिए व खरदूषण जैसे राक्षसों का वध किया। कथा में शूर्पणखा प्रसंग का वर्णन किया गया। श्रीराम व माता जानकी के भजनों पर श्रद्धालु नाचे। महंत सक्षम गिरी, ईशम शर्मा, अरविंद गिरी, अमित, पवन, रामकुमार, महावीर, धर्मवीर आदि मौजूद रहे। संवाद