निसिंग गांव बहलोलपुर नंदीशाला में कथा सुनते श्रद्धालु ।संवाद
निसिंग। गांव बहलोलपुर स्थित पारसर तीर्थ में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन करते हुए आचार्य प्रदीप गौड़ ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मनुष्य जीवन के उद्धार के लिए हुआ है। कंस ने उनके जन्म लेने को रोकने के लिए अथक प्रयास किए, लेकिन सफल नहीं हो पाया। अंत में अपने पापों का घड़ा भरने पर श्रीकृष्ण के हाथों मरकर मोक्ष की प्राप्ति की। श्रीकृष्ण ने भागवत गीता से बुराई व सदाचार के बीच अंतर बताया। ईश्वर को धन दौलत व यज्ञों से कोई सरोकार नहीं है। वह तो केवल स्वच्छ मन से की गई अराधना के अधीन होता है, वे जात, पात व धर्म नहीं जानते। वह तो भक्ति मात्र के प्रेम को जानते हैं। महंत प्रीतम गिरी, गोशाला संचालक गोपाल गोस्वामी, प्रधान जयनारायण गोयल, उपप्रधान डा. अमनदीप शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद