माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की 31 दुकानों सहित नगर निगम की कुल 685 दुकानें किराए पर हैं, लेकिन कई दुकानदार नियमित किराया नहीं चुका रहे। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ केस दर्ज कर दुकान सील की जाएगी। निगमायुक्त अजय सिंह तोमर ने शुक्रवार को निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किराया न चुकाने वाले किराएदारों की दुकानें सील कर पीपी एक्ट में केस दर्ज करें। ऐसी दुकानों की नीलामी करके दूसरे किराएदारों को भी दी जा सकती है। साथ ही निगम की भूमि पर अनाधिकृत कब्जों का मामला सामने आने पर अभियान चलाकर जमीन मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को निगम कार्यालय में ही विभिन्न शाखाओं के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निगमायुक्त ने बताया कि मौजूदा समय में नगर निगम की 654 दुकानें, निगम में मर्ज हुए इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की 31 दुकानें किराए पर हैं। छह कम्युनिटी सेंटरों में से 4 लीज पर दिए गए हैं, इनसे सालाना करीब 27 लाख रुपये की आमदनी होती है। निगम की दुकानों के किराए में वर्ष 2020-21 में एक करोड़ 20 लाख की मांग के सापेक्ष एरियर सहित एक करोड़ 51 लाख रुपये वसूले गए हैं। वर्ष 2021-22 में एक करोड़ 62 लाख रुपये की रिकवरी की गई, जबकि चालू वित्त वर्ष 2022-23 में अगस्त महीने तक 86 लाख रुपये का किराया जमा किया गया है। निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो दुकानदार किराया नहीं चुका रहे, उनके खिलाफ अभियान चलाकर सीलिंग की कार्रवाई करें।
उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि जनवरी-फरवरी में नौ दुकानों को सील किया गया था। इनमें से तीन दुकानदारों ने किराया चुका दिया, जबकि छह दुकानों का किराया अभी तक नहीं मिला है। अब इन दुकानों को नीलाम करने की तैयारी की जा रही है। करीब 55 दुकानें और भी हैं, जो किराया नहीं चुका रही हैं, अब उन्हें भी सील करने की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत 19 दुकानों को मालिकाना हक देने की तैयारी चल रही है।
बिना फायर एनओसी वाले भवनों को करें सील
निगमायुक्त ने अग्निशमन शाखा के संसाधनों व कार्यों की समीक्षा की। बताया कि जिले में इंद्री, घरौंडा, नीलोखेड़ी, तरावड़ी, असंध में एक-एक और करनाल अर्बन में दो सहित कुल सात फायर स्टेशन हैं। निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि ऐसी जगह/भवन जहां लोगों का आना-जाना अधिक होता है। जोखिम वाले भवन और औद्योगिक यूनिट, जिनके पास फायर एनओसी नहीं है, उन्हें नोटिस देकर सील कर दें।
निगम की जमीन से हटाए जाएंगे अनधिकृत कब्जे
निगमायुक्त ने भूमि शाखा की समीक्षा की तो ईओ देवेंद्र नरवाल ने बताया कि निगम की 2200 एकड़ जमीन है, इसमें से 176 एकड़ पट्टे पर जाती है, करीब 700 एकड़ पर जोहड़, नाले आदि हैं। कुछ ऐसी जमीनें भी हैं, जिस पर पुराने नाजायज कब्जे हैं। इस पर निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि निगम की जमीन को नाजायज कब्जों से बचाने के लिए उसकी पैमाइश करवाएं और उस पर मजबूत बाड़बंदी कर दें, ताकि इन पर दोबारा अनधिकृत कब्जा ने हो सके।