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Karnal News: सीवरेज का काम अटका, झेलना पड़ेगा जलभराव

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करनाल। जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की अमृत योजना से शहर में 96 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज लाइन बिछने का काम अटक गया है। ऐसे में शहर की जलनिकासी दुरूस्त कैसे हो यह भी एक सवाल बन गया है। अब यह काम चुनाव आचार संहिता के बाद ही होगा।
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जब तक शहरवासियों को बरसात के कारण जगह-जगह पर होने वाली जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा। विदित हो कि 53 किलोमीटर एरिया में बिछने वाली सीवरेज लाइन से निगम के 10 गांवों व हाल ही में वैध की गई कॉलोनियों को सबसे ज्यादा लाभ होना था। इन कॉलोनियों में अभी पानी की निकासी दुरुस्त न होने के कारण जलभराव की समस्या रहती है।
सीवरेज लाइन बिछाने की परियोजना को सरकार की ओर से तकनीकी स्वीकृति दे दी गई थी। अब विधानसभा चुनाव के कारण प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिल पाई। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस कार्य को दो साल की अवधि में पूरा किया जाना था। शहर में सीवरेज लाइन बिछने से शहर की वैध की गई नई कॉलोनियों व निगम के गांवों को जल निकासी की सुविधा मिलनी थी।
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आरके पुरम पार्ट दो, सुखबीर कॉलोनी, आरके पुरम निकट रजवाहा, विजयनगर, शक्तिपुरम एक्सटेंशन, विकास कॉलोनी मेरठ रोड, कनिका बिहार एक्सटेंशन व नगर निगम के अंतर्गत आने वाले गांवों कैलाश, उचाना, बलड़ी, उचानी, मंगलपुर, बुढ़ाखेड़ा, बागपति, बसंत विहार को लाभ होना था। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से आबादी के दबाव के हिसाब से अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग साइज की पाइपलाइन बिछाने की योजना भी तैयार कर ली गई थी। अगले 30 साल तक की सुविधा के मद्देनजर कार्य होना था।





शहर में सीवरेज लाइनों के बिछने की तकनीकी स्वीकृति प्राप्त हो गई है। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता हटते ही प्रशासनिक स्वीकृति मिलने पर शहर में 51 किलोमीटर के एरिया में बिछने वाली पाइपलाइन का कार्य करवाया जाएगा। - विकास बाल्यान, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य एवं अभियंत्रिकी विभाग।
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