- नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 15 गांव व हाल में नियमित हुईं कॉलोनियों को भी मिलेगा लाभ
सुखदेव चौहान
करनाल। जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की अमृत योजना के तहत शहर के 53 किलोमीटर क्षेत्र में सीवरेज लाइनों का जाल बिछाया जाएगा। इससे नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 15 गांव व हाल में नियमित हुईं कॉलोनियों में भी बारिश में पानी निकासी की समस्या से निजात मिलेगी व सीवर चोक नहीं होगी।
सीवरेज लाइन बिछाने के लिए परियोजना को सरकार से तकनीकी स्वीकृति मिल गई है। इस कार्य पर 96 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके लिए जल्द टेंडर लगाया जाएगा। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टेंडर लगने के बाद दो साल की अवधि में सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य पूरा किया जाएगा। फिलहाल शहर में सीवरेज की 55 एमएलडी की क्षमता है। यह सीवरेज लाइन बिछने से यह क्षमता बढ़कर 104 एमएलडी हो जाएगी।
सीवरेज लाइन बिछने से शहर की नियमित की गई कॉलोनियों व निगम के गांवों को सुविधा मिलेगी। जिसमें आरके पुरम पार्ट दो, सुखबीर कॉलोनी, आरके पुरम निकट रजवाहा, विजयनगर, शक्तिपुरम एक्सटेंशन, विकास कॉलोनी मेरठ रोड, कनिका बिहार एक्सटेंशन व नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 15 गांवों को लाभ मिलेगा जिसमें कैलाश, उचाना, बलड़ी, उचानी, मंगलपुर, बुढ़ाखेड़ा, बागपति, बसंत विहार शामिल हैं। - संवाद
शहर की जल निकासी होगी दुरूस्त, सीवर चौकी की समस्या से मिलेगी निजात
अमृत परियोजना के तहत शहर में जो सीवर लाइन बिछाई जाएगी उसकी चौड़ाई आठ से 10 इंच तक होगी। आबादी के दबाव के हिसाब से अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग साइज की पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जाएगा। जन स्वास्थ्य विभाग आगामी 30 साल तक की सुविधा के मद्देनजर लाइन बिछाने का कार्य कराएगा। नई लाइन बिछाने से नगर निगम की ओर से बनाए जा रहे नए एसटीपी के संचालन से शहर में सीवर चोक की समस्या खत्म होगी।
जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से अमृत योजना के तहत शहर में सीवरेज लाइनों के बिछने की तकनीकी स्वीकृति मिल गई है। जल्द प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद योजना को धरातल पर अमलीजामा पहनाने का कार्य किया जाएगा।
- विकास बाल्यान, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग