श्रीराम मंदिर सेक्टर आठ में चल रही श्री रामचरितमानस कथा में स्वामी मैथिलीशरण का स्वागत करते श्र
करनाल। श्रीराम मंदिर सेक्टर-8 में आयोजित श्री रामचरितमानस कथा में प्रवचन करते हुए स्वामी मैथिलीशरण ने कहा कि भक्ति का तात्पर्य होता है सब में भगवान दिखना या भगवान में सब दिखना। उन्होंने कहा कि जब हम किसी सिद्धांत को प्रवचन या उपदेश मान लेते हैं, तो उसको केवल सुनने और देखने की वस्तु मानते हैं, पर हमें यह नहीं पता होता है कि जीवन को दिव्य रूप में जीने के लिए उन्हीं उपदेशों की आवश्यकता पड़ती है। श्रीराम ने शबरी को उपदेश देते हुए कहा था कि मैं जाति, कुल, धर्म, धन, समाज, गुण और चतुराई के आधार पर किसी से नाता नहीं मानता हूं, मैं तो केवल भक्ति का ही नाता मानता हूं। कथा में व्यास पीठ की पूजा रविंद्र बत्रा, संगीता बत्रा, प्रवीण बत्रा ने की। संवाद