करनाल जिला वासियों को जल्द कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में ट्रामा सेंटर की सौगात मिलेगी। जिससे सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत मेडिकल सुविधा देकर उनका जीवन बचाया जा सकेगा। इसके लिए बेसमेंट सहित पांच मंजिला ट्रामा सेंटर सहित 10 अलग-अलग प्रकार के भवन और बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट, एसटीपी और ईटीपी प्लांट तैयार किए जाएंगे। ये सभी कार्य मेडिकल कॉलेज के दूसरे चरण में शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज के फेस-टू के कार्य के लिए 338.75 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है।
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के फेस वन का कार्य लोक निर्माण विभाग ने पूरा करवाया था, लेकिन अबकी बार प्रदेश सरकार ने फेस 2 का कार्य पूरा करवाने का जिम्मा हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन पंचकूला (एचपीएचसी) को सौंपा है।
जिसकी देखरेख में ही सारी टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी और कंपनी भी एचपीएचसी की निगरानी में काम करेंगी। फिलहाल आर्किटेक्ट कंपनी मैसेचर मोरालेज से फेस टू का नक्शा तैयार करवाया गया है। प्रदेश सरकार ने नक्शे की स्वीकृति दे दी है।
फेस 2 के अंतर्गत अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर बनाया जाएगा। जिसमें सभी ऑटोमेटिक मशीनें रखी जाएंगी। जिससे सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों को जल्द बेहतर इलाज मुहैया कराया जा सके। मरीजों की सर्जरी के लिए ओटी की व्यवस्था होगी।
वहीं अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर की टीम भी बिलकुल अलग होगी। टीम में न्यूरो सर्जन, फिजिशियन, ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थीसिया सहित अन्य चिकित्सकों की टीम होगी, जो हमेशा सतर्क रहेगी। अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर 150 बेंड का बनाया जाएगा। इसके अलावा 300 बेड का अस्पताल भी बनाया जाएगा।
इमरजेंसी का बोझ होगा हल्का
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर बनने के बाद हॉल में ही चल रही इमरजेंसी का बोझ कम हो जाएगा, क्योंकि सड़क हादसों में घायल लोगों को फिलहाल इमरजेंसी में भेजा जा रहा है। जिससे इमरजेंसी में दाखिल अन्य मरीजों को सुविधा देने में कुछ देरी हो रही है। ट्रामा सेंटर बनने के बाद सीधे तौर पर इमरजेंसी का बोझ कम हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज के नए परिसर में सिंगल बेसमेंट पार्किंग की सुविधा मिलेगी।
जिससे प्रथम तल पर गेट या अन्य परिसर में वाहन नहीं खड़े होंगे। जिससे ट्रामा सेंटर पर आने वाली एंबुलेंस या मरीजों को लेकर आने वाले वाहनों को रास्ता मिल सकेगा। चूंकि अधिकतर अस्पतालों की इमरजेंसी के बाहर गलत तरीके से वाहन खड़े होने के कारण एंबुलेंस के आने-जाने में परेशानी होती है। जिसको देखते हुए यहां पर भूतल पार्किंग रखी जाएगी।
दूसरे चरण में ये होंगे निर्माण
बेसमेंट सहित पांच मंजिला ट्रामा सेंटर कम अस्पताल बिल्डिंग, परीक्षा हॉल व स्किल लैब, सिंगल बेसमेंट पार्किंग, आठ मंजिला ब्वॉयज होस्टल, आठ मंजिला गर्ल्स होस्टल, आठ मंजिला प्रोफेसर क्वार्टर, नौ मंजिला एसोसिएट प्रोफेसर क्वार्टर, नौ मंजिला असिस्टेंट प्रोफेसर क्वार्टर, एक मंजिला क्लब हाउस, कम्यूनिटी सेंटर, एक मंजिला स्पोर्ट्स फैकल्टी, एनिमल हाउस, बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट, वर्कशॉप, एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट), ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट)।
तीन बार टेंडर लगाया लेकिन नहीं बन पाई थी बात
हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन पंचकूला के अधिकारियों ने बताया कि एचपीएससी की ओर से तीन बार टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन तीनों प्रक्रिया रद करनी पड़ी। इसमें पहली बार में कोई भी कंपनी क्वालीफाई नहीं कर पाई। दूसरी बार में दो कंपनियों ने टेंडर भरा था लेकिन उनके टेंडर से अधिक रेट थे। वहीं तीसरी बार एक ही कंपनी ने टेंडर भरा। जिसकी वजह से वह भी रद हो गया। एचपीएससी के अधिकारियों ने बताया कि तीन बार टेंडर प्रक्रिया रद होने के बाद अब उन्होंने प्रदेश सरकार को दो सुझाव भेजे हैं। इनमें पहला ये कि टेंडर की राशि को बढ़ाया जाए और दूसरा ये कि फेस टू के कार्य को चार हिस्सों में बांटकर काम पूरा करवाया जाए।
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के फेस टू के लिए तीन बार टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। जो कि तीनों बार रद हो गई। अब प्रदेश सरकार को दो सुझाव भेजे गए हैं। जिसका जवाब आने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- नरेश गोस्वामी, एक्सईएन, हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन, पंचकूला