संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अखिल भारतीय रोड़ महासभा के चुनाव का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंच गया है। महासभा की कोलेजियम स्कीम, अनियमितताओं व धन के दुरुपयोग, उपनियमों में संशोधन आदि मुद्दों को लेकर पानीपत के कुछ सदस्यों ने पिछले साल फर्म एवं सोसायटी के जिला रजिस्ट्रार, स्टेट रजिस्ट्रार एवं रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष अनेक शिकायतें दर्ज कीं और रिप्रेजेंटेशन भी दिए।
निवर्तमान प्रधान नसीब सिंह और अन्य पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने 16 अक्तूबर 2023 को अपने-अपने पदों से त्यागपत्र दे दिए तो सरकार ने 16 नवंबर को रोड़ महासभा द्वारा संचालित करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, पंचकूला, हरिद्वार व असंध में निर्मित रोड़ धर्मशालाओं की देखरेख करने एवं नए पदाधिकारियों का चुनाव करवाने के लिए घरौंडा के एसडीएम को रोड़ महासभा का प्रशासक नियुक्त कर दिया, लेकिन एक सदस्य ने हाईकोर्ट में सिविल रिट पेटिशन संख्या 29450 ऑफ 2023 शीर्षक बलबीर सिंह बनाम हरियाणा सरकार आदि दायर कर दी। जिसकी सुनवाई अब आगामी 11 मार्च को होगी। जिस वजह से चुनाव अधर में लटक गया। इस बीच बिरादरी के सीनियर एडवोकेट एवं समाज सुधारक चौधरी शक्ति सिंह ने रोड़ समाज के लोगों से अपील करते हुए आह्वान किया कि महासभा को कानूनी पचड़ों में डालना और अपनी इज्जत दूसरों अर्थात प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपना बिल्कुल भी अच्छा नहीं है।